चीनी नववर्ष
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हाईगो बताते हैं, "पल्लवी चाहती थी कि उसकी शादी भारतीय रीति रिवाजों से हो। इसलिए हमने अहमदाबाद में शादी की और मेरा परिवार इसके लिए चीन से यहां आया। इसके बाद हमने शिजुआन में रिसेप्शन की पार्टी दी।"
हाईगो कहते हैं कि उन्हें काम के सिलसिले में चीन लौटना था। अलग-अलग देशों में जाकर कुछ वक्त वहां रह कर काम करना, उनके काम का हिस्सा है। ऐसे में दोनों ने फैसला किया कि पल्लवी अहमदाबाद में ही रहेंगी, जबकि हाईगो बीच-बीच में यहां आते रहेंगे। मैं भारत आता रहता था। 2017 में हमारी बेटी हुई। हमने उसका नाम आंची रखा। चीनी भाषा में आंची का मतलब होता है शांति।
हाईगो के परिवार के साथ चीनी नववर्ष मनाने के लिए साल 2018 में पल्लवी और आंची चीन गए थे। वे कहते हैं, "कभी मैं भारत आ जाता तो कभी पल्लवी और आंची चीन आ जाते। हमारी जिंदगी अच्छी थी, लेकिन फिर 2019 में कोरोना वायरस के कारण चीजें बदल गईं। लेकिन इसमें एक अच्छी बात ये है कि मैंने अपनी बेटी आंची के साथ लंबा वक्त बिताया है। लेकिन मुझे ये बात परेशान कर रही है कि मैं कब चीन में अपने घर जा पाऊंगा।"