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इस देश में अंधेरा कायम कर सकता है चीन, जानिए क्या है वजह

Sun, 24 Nov 2019 06:52 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोई देश अपने यहां तो बिजली काट सकता है लेकिन, क्या उसके पास किसी दूसरे देश की पूरी बिजली काटने का अधिकार है। फिलीपींस की संसद में बताया गया है कि चीन अगर चाहे तो पूरे फिलीपींस की बिजली काट सकता है। संसदीय सत्र के दौरान फिलीपींस के नेशनल ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने ऐसा होने की संभावना की पुष्टि की है। ये बात तब सामने आई जब संसद में एक सीनेटर ने पूछा कि क्या चीन की वर्चस्वादी महत्वकांक्षाएं फिलिपींस के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। तब जवाब में पता चला कि चीन के लिए फिलीपींस में बिजली की आपूर्ति रोकना संभव है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सीनेटर रिचर्ड गार्डन ने बताया, "हमने अपनी ग्रिड का 40 प्रतिशत हिस्सा एक विदेशी कॉरपोरेशन (चीन की कंपनी) को दिया है जिससे पश्चिमी फिलीपींस सागर में हमारे देश के साथ हितों का टकराव हो सकता है और उस देश की वर्चस्वादी महत्वकांक्षाएं हैं।" हालांकि, सीनेट ये भी बताया कि बिजली तो काटी जा सकती है लेकिन फिलीपींस उसे 24 से 48 घंटों में फिर से चालू कर सकता है। साल 2009 से फिलीपींस के नेशनल ग्रिड में चीन की हिस्सेदारी है। फिलिपींस और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर लंबे समय से विवाद भी रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये केसै कर सकता है चीन

चीन की स्टेट ग्रिड कॉरपोरेशन की नेशनल ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ द फिलीपींस (एनजीसीपी) में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। एनजीसीपी फिलीपींस में बिजली की आपूर्ति को नियंत्रित करती है। यही उत्तरी सिरे पर लुजान द्वीप से दक्षिण में मिंडनाओ द्वीप तक बिजली पहुंचाती है। ऐसे में चीन का एनजीसीपी की कार्य प्रणाली में दखल है और वो इसे प्रभावित भी कर सकता है। सीनेटर रीसा ऑन्तिवेरस ने मंगलवार को सदन में पूछा था कि एनजीसीपी का नियंत्रण चीन को देने से 'क्या ये संभव है कि हमारा पावर ग्रिड कभी भी बंद किया जा सकता है।' इसके जवाब में ऊर्जा पर सीनेट कमेटी के अध्यक्ष शेरविन गेटचालियान ने बताया, "दूरसंचार और सॉफ्टवेयर में तकनीकी प्रगति को देखते हुए ये संभव है।" शेरविन गेटचालियान ने इसके लिए ट्रांसको के अध्यक्ष मेलविन मेतिबैग की सलाह का संदर्भ दिया। ट्रांसको का ग्रिड पर मालिकाना हक है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
फिलिपींस के पास विकल्प

गेटचालियान ने बताया कि एनजीसीपी का जब निजीकरण किया गया तब कई सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। कुछ खास स्थितियों में राष्ट्रपति को नियंत्रण लेने का अधिकार है और उसके बाद बिजली 24 से 48 घंटों में वापस आ सकती है। इनमें युद्ध, विद्रोह, सार्वजनिक संकट और आपदा की स्थितियां शामिल हैं। सीनेटर रीसा ऑन्तिवेरस ने उन रिपोर्ट्स के बारे में भी पूछा जिनके मुताबिक सिर्फ विदेशी इंजीनियर्स ही बिजली आपूर्ति में आई ख़राबी को ठीक कर सकते हैं क्योंकि एजीपीसी का पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क चीन में है। साथ ही उन्होंने नियमावली (मैनुअल्स) चीन की भाषा में होने की बात भी उठाई। सीनेटर गेटचालियान ने जवाब में कहा कि बिजली के ट्रांसमिशन पर फिलीपींस के लोगों का ही नियंत्रण है और नियमावली का अंग्रेजी में अनुवाद किया जा चुका है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
चीन कहीं और भी ऐसा कर सकता है

हाल के सालों में चीन ने बड़ी तेजी से दुनिया के कई हिस्सों में विदेशी निवेश किया है। इस निवेश के तहत चीन ने निजी कंपनियां, संपत्ति, इमारतें और बड़ी आधारभूत परियोजनाएं जैसे बंदरगाह और पुल खरीदें हैं। साथ ही चीन ने ऊर्जा क्षेत्र में भी काफी निवेश किया है। रीसा ऑन्तिवेरस ने सत्र के दौरान कहा कि चीन की एनएआरआई ग्रुप कॉरपोरेशन कीनिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड में पावर ग्रिड के लिए रिमोट कंट्रोल सिस्टम प्रदान करती है। उन्होंने कहा, ''तो उन देशों के अनुभव से हम आश्वासन या सावधानी की सीख ले सकते हैं।''
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