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Chandrayaan-3: फेल नहीं हुआ था चंद्रयान-2 मिशन, जानिए क्या है पूरी कहानी

Wed, 23 Aug 2023 04:56 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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chandrayaan 2 mission was not the fail - फोटो : Isro
Chandrayaan-3: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 14 जुलाई को चंद्रयान 3 मिशन को लाॅन्च किया था। चंद्रयान-3 का लैंडर आज यानी 23 अगस्त की शाम को 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा पर लैंड करेगा। इसरो ने बताया है कि अंतरिक्ष एजेंसी की तरफ से सभी सिस्टम को समय-समय पर चेक किया है। देशवासियों के लिए खुशखबरी है कि चंद्रयान-3 के सभी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हैं। 

इसरो ने पांच साल पहले चंद्रयान 2 मिशन लाॅन्च किया था, जिसे आंशिक रूप से सफल माना जाता है, क्योंकि यह मिशन पूरी तरह से फेल नहीं हुआ था। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी चांद की कक्षा में स्थापित है। इसरो ने चंद्रयान 2 को 22 जुलाई, 2019 को लॉन्च किया था, लेकिन अंतरिक्ष एजेंसी के चांद पर लैंडिग से पहले विक्रम लैंडर से सभी संपर्क टूट गए थे। अगर लैंडर सफलता पूर्वक चांद पर उतर गया होता, तो भारत उन देशों में शामिल हो जाता जो चांद पर पहुंच चुके हैं। 
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chandrayaan 2 mission was not the fail - फोटो : iStock
चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर फिक्स 55 डिग्री की जगह 410 डिग्री तक झुक गया था। इसकी वजह से चंद्रमा पर उतरने से पहले ही संपर्क से बाहर हो गया। लैंडर जब लैंडिंग सतह से सिर्फ 400 मीटर की दूरी पर था, तभी संपर्क टूट गया था और वह चंद्रमा पर क्रैश हो गया। चंद्रयान 2  मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करना था। अगर यह सफल होता तो, भारत अमेरिका, चीन और रूस के बाद उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाता। 
 
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chandrayaan 2 mission was not the fail - फोटो : iStock
क्या हुई थी गलती

इसरो के वैज्ञानिक चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर के अपने निर्धारित प्रक्षेप पथ से झुकने के बाद निराश हो गए। सभी को उम्मीद थी कि यह चांद पर सफलतापूर्वत लैंडिग कर लेगा। लैंडर संपर्क से बाहर जाता रहा है, लेकिन इसरो के वैज्ञानिक कुछ नहीं कर पा रहे थे। 

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chandrayaan 2 mission was not the fail - फोटो : Twitter@MeghUpdates
उम्मीद थी कि विक्रम लैंडर की गति चार चरणों में 6000 किमी प्रति घंटे से घटकर 0 किमी प्रति घंटे तक हो जाएगी, लेकिन चांद की सतह पर उतरने से पहले ही लैंडर से इसरो का संपर्क टूट गया। 

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chandrayaan 2 mission was not the fail - फोटो : iStock
क्यों टूटा था संपर्क

बताया गया कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की वजह से लैंडर से संपर्क टूट गया था। प्रक्षेप पथ में परिवर्तन और गति में कमी की वजह से विक्रम लैंडर और चंद्रमा प्रज्ञान रोवर टूट गया।

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chandrayaan 2 mission was not the fail - फोटो : iStock
इसरो के पूर्व प्रमुख के सिवन ने हाल ही में बताया कि लैंडर ने शुरुआती चरण में ठीक काम किया, लेकिन रीबूस्टिंग प्रक्रिया में गति कम करने के दौरान लगे 5 इंजनों ने अधिक उर्जा पैदा की। इसकी वजह से यान की सफल लैंडिंग नहीं हो पाई।
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