फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीम जला देना चाहते थे अपने बड़े भाई युधिष्ठिर के दोनों हाथ, इसके पीछे छुपा है ये गहरा रहस्य

Fri, 08 Mar 2019 07:27 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
Mahabharat Bheem
महाभारत और उससे जुड़े प्रमुख पात्रों यानी पांचों पांडवों से तो आप बखूबी परिचित होंगे। कहते हैं कि भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव अपने बड़े भाई युधिष्ठिर का बहुत सम्मान करते थे, लेकिन एक बार भीम अपने बड़े भाई युधिष्ठिर पर इतना गुस्सा हो गए थे कि वो उनके दोनों हाथों को जला देना चाहते थे। क्या आप जानते हैं भीम ने ऐसा क्यों किया था। इसके पीछे एक रोचक कहानी है। 
विज्ञापन

2 of 5
द्रौपदी वस्त्रहरण
कहते हैं कि जब युधिष्ठिर जुए में द्रौपदी को हार जाते हैं तो द्रौपदी को भरी सभा में बुला कर उसका अपमान किया जाता है। यह देखकर भीम को बहुत गुस्सा आता है। भीम युधिष्ठिर से कहते हैं कि आपने जुए में जो धन हारा है, उससे मुझे क्रोध नहीं हैं, लेकिन द्रौपदी को भी आपने दांव पर लगाया और उसे भी जुए में हार गए, यह बहुत ही गलत है। 
विज्ञापन

3 of 5
Mahabharat Bheem - फोटो : Youtube
भीम युधिष्ठिर से कहते हैं कि द्रौपदी अपमान करने के योग्य नहीं है, लेकिन आपके कारण ये दुष्ट कौरव उसे अपमानित कर रहे हैं और वह भी भरी सभा में। वो कहते हैं कि द्रौपदी की इस दशा का कारण आप हैं, इसलिए मैं आपके उन दोनों हाथों को जला दूंगा, जिनसे आपने द्रौपदी को जुए में हारा है।  

4 of 5
Pandav Mahabharat
भीम युधिष्ठिर के दोनों हाथों को जलाने के लिए सहदेव से अग्नि लाने को कहते हैं। हालांकि बाद में अर्जुन उन्हें समझाते हैं और कहते हैं कि युधिष्ठिर ने क्षत्रिय धर्म के अनुसार ही जुआ खेला है। इसमें इनका कोई दोष नहीं हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Pandav Mahabharat
अर्जुन की बात सुनकर भीम का गुस्सा शांत हो जाता है और वो कहते हैं कि यह बात मैं भी जानता हूं। अगर नहीं जानता तो मैं कबका बलपूर्वक युधिष्ठिर के दोनों हाथों को जला देता।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें