डॉक्टर मनोज कहते हैं कि अगर कोई स्क्रीन के सामने लंबा वक्त बिता रहा है तो ये एक बड़ा लक्षण है। हमारे यहां जो केस आए हैं, वो 6-7 घंटे स्क्रीन के सामने बैठने के हैं। लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो 14-15 घंटे ऑनलाइन वेबसाइट्स को लगातार देखते हैं।
NIMHANS का मानना है कि एक पहलू ये भी है कि लोग ऑनलाइन स्ट्रीमिंग को सच और असल दुनिया को झूठा मानने लगते हैं। इससे एजुकेशन और शिक्षा पर भी असर होता है।
आंकड़े किस ओर इशारा करते हैं?
नेटफ्लिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में इस वेबसाइट पर एक दिन में लोगों ने कुल 140 मिलियन घंटे बिताए। नेटफ्लिक्स का एक सब्सक्राइबर औसतन इस साइट पर रोज 50 मिनट गुजारता है। नेटफ्लिक्स ने 2017 में साल के आखिर में 117 मिलियन सब्सक्राइबर का लक्ष्य रखा था।
स्टेटिस्टा के मुताबिक, अमेजॉन प्राइम वीडियो के 2017 में 40 मिलियन सब्सक्राइबर थे। अनुमान है कि 2020 में तादाद 60 मिलियन यूजर से ज्यादा होगी। सीएनबीसी की एक खबर के मुताबिक, अमेजॉन प्राइम वीडियो में औसतन हर हफ्ते एक यूजर 5 घंटे गुजारता है जबकि नेटफ्लिक्स पर 10 घंटे।