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भारत में एक ऐसा गांव, जहां चमगादड़ों की होती है पूजा, माना जाता है शुभ

Mon, 21 Sep 2020 07:07 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दुनियाभर में चमगादड़ों की तुलना निशाचर यानी वैम्पायर से की जाती है और इन्हें अशुभ माना जाता है। कुछ समय पहले केरल में चमगादड़ों से निपाह वायरस फैला था, जिससे कई लोगों की जान चली गई थी। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के फैलने की वजह भी चमगादड़ को ही माना जा रहा है। लेकिन आपको ये जानकर होगी कि हमारे देश में ही कुछ ऐसे गांव हैं, जहां लोग चमगादड़ों की पूजा करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
चमगादड़ का नाम सुनते ही मन में कई तरह की अशुभ आशंकाएं उभरने लगती हैं। लेकिन बिहार के वैशाली जिले में एक ऐसा मंदिर हैं, जहां चमगादड़ों को ग्राम देवता के तौर पर पूजा की जाती है। यहां के लोगों का मानना है कि चमगादड़ संपन्नता के प्रतीक हैं और ये जहां निवास करते हैं, वहां कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
बिहार के वैशाली जिले के सरसई गांव में हजारों की संख्या में चमगादड़ों का बसेरा है। चमगादड़ों के वजह से ही यह गांव काफी मशहूर हो चुका है। यहां के लोगों का मानना है कि चमगादड़ उनके पूरे गांव की रक्षा करते हैं। इतना ही नहीं चमगादड़ों को देखने के लिए इस गांव में काफी संख्या में पर्यटक भी आते हैं। सरसई गांव के लोगों का मानना है कि चमगादड़ जब से आए हैं, इस गांव में हमेशा खुशियां रहती हैं। गांव के लोग कोई भी शुभ कार्य करने से पहले चमगादड़ों की पूजा करते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
गांव की पहरेदारी करते हैं चमगादड़
सरसई गांव के लोगों का कहना है कि इन चमगादड़ों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं, लेकिन ये चमगादड़ कुछ नहीं कहते हैं। वहीं रात में अगर कोई गांव से बाहर का व्यक्ति आ जाए, तो ये चमगादड़ शोर मचाने लगते हैं। जबकि गांव के लोगों के आने पर कुछ नहीं कहते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सरसई गांव में जिस तालाब के किनारे पीपल और अन्य पेड़ों पर इन चमगादड़ों का बसेरा है, उस तालाब का निर्माण वर्ष 1402 में राजा शिव सिंह ने करवाया था। यहां एक शिवालय भी है। तालाब और पेड़-पौधों की हरियाली से सराबोर यह एरिया 50 एकड़ में फैला है। गांव वाले ना केवल चमगादड़ों की पूजा करते हैं, बल्कि इनके सुरक्षा का भी ध्यान रखते हैं।
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