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प्लास्टिक की थैली में पनपा ये बच्चा, अब मिली मां की गोद

Fri, 05 Aug 2016 03:48 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : dailymail
पैदा होने के बाद बच्चे मां की गोद में रहते हैं लेकिन इस नवजात को मां की गोद नहीं बल्कि पॉलिथिन नसीब हुआ। 

तस्वीरें देखकर बता सकते हैं कि टेडी जन्म के बाद किस तरह की परेशानियों से जूझा। डॉक्टरों ने कहा कि इसका जिंदा रहना मुश्किल है, फिर हुआ चमत्कार।
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- फोटो : dailymail
हॉगसन दंपति को डॉक्टरों ने प्रेगनेंसी के समय ही सलाह दी की उनकी संतान साधारण जिंदगी जी नहीं पाएगी क्योंकि उसकी आंते शरीर के बाहर निकली हुई थी।
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- फोटो : dailymail
जन्म के समय ही टेडी की छोटी और बड़ी आंते बाहर थी। बच्चे की मां को डॉक्टरों ने सलाह दी थी कि ये बच्चा सामान्य जीवन नहीं जी पाएगा इसलिए गर्भपात करा दें। लेकिन हॉगसन पति-पत्नी ने हार ना मानते हुए इसे जन्म देने का फैसला किया।

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- फोटो : dailymail
दंपति ने इंटरनेट पर काफी रिसर्च के बाद पाया कि 100 में 95 प्रतिशत तक बच्चे ग्रेस्ट्रोचेसिस के साथ पैदा होते हैं और जीवित रहते हैं। जिसमें से मात्र 10 से 5 प्रतिशत को जीवन मुश्किल हो जाता है। इस खतरे देखते हुए भी दोनों ने बच्चे को जन्म देने का फैसला लिया। 
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- फोटो : dailymail
आंते बाहर होने की वजह से टेडी के शरीर को कई महीनों तक पॉलिथिन में लपेटकर रखा जाता था। बाद में ऑपरेशन करके सभी अंगो को अंदर किया गया। ऑपरेशन सफल रहा और बच्चा आज 8 महीने बाद स्वस्थ है। 
 
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- फोटो : dailymail
हॉगसन पति-पत्नी कहते हैं कि अगर उन्होंने उस डॉक्टर की बात मान ली होती और दूसरे डॉक्टर की सलाह ना ली होती तो उनका बच्चा आज उनके पास ना होता।
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