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भारत के इस शहर में रखी है एशिया की सबसे बड़ी कुबेर प्रतिमा, धनतेरस पर होती है पूजा

Fri, 13 Nov 2020 10:00 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भगवान कुबेर की प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के विदिशा जिला संग्रहालय में में धन के देवता कहे जाने वाले भगवान कुबेर की एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा रखी गई है। ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी की यह प्रतिमा 12 फीट ऊंची है, जो बैस नदी से खोदाई के दौरान मिली थी। विदिशा जिले में धन की कमी ना हो, इसको लेकर धनतेरस के दिन इस प्रतिमा की जिला संग्रहालय में पूजा अर्चना की जाती है।
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भगवान कुबेर की प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि यह प्रतिमा पुरातत्व संग्रहालय के मुख्य द्वार पर स्थापित है। हर साल धनतेरस के खास मौके पर भगवान कुबेर की इस प्रतिमा का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। सबसे बड़ी खास बात तो यह है कि जिला संग्रहालय में कुबेर देवता की यह प्रतिमा एशिया में सबसे बड़ी प्रतिमा मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देशभर में भगवान कुबेर की 4 प्रतिमाएं हैं। विदिशा संग्रहालय में रखी इस प्रतिमा की ऊंचाई 12 फीट है।
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भगवान कुबेर की प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, दूसरी शताब्दी में कुबेर को यक्ष माना जाता था, उनकी ग्राम देवता के रूप में पूजा होती थी। रामायण काल में भी कुबेर का संदर्भ मिलता है। रामायण में रावण द्वारा कुबेर को युद्ध में हराकर उनका पुष्पक विमान छीनने का उल्लेख भी मिलता है। वहीं ऐतिहासिक दृष्टि से विदिशा सम्राट अशोक का ससुराल कहलाता है। सम्राट अशोक ने यहां की युवती देवी से विवाह किया था। यही कारण है कि विदिशा में समय-समय पर पुरातन संपदा मिलती रहती है।

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भगवान कुबेर की प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
विदिशा संग्रहालय में रखी यह प्रतिमा विदेशी सैलानियों का आकर्षण का केंद्र बन गई है। साल 2005 से ही धनतेरस के मौके पर विदिशा के लोग जिला संग्रहालय में कुबेर देवता पूजा करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में भी कुबेर की पूजा का उल्लेख मिलता है। रामायण सहित अन्य ग्रंथों में कुबेर को हिंदू धर्म के प्रमुख यक्षों में से एक बताया गया है। उन्हें धन के देवता के अलावा उत्तर दिशा का स्वामी भी माना जाता है।
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भगवान कुबेर की प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
दीपावली को मां लक्ष्मी का त्योहार माना जाता है। इसलिए लक्ष्मी पूजन से पहले धनतेरस पर कुबेर की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि कुबेर की पूजा से धन धान्य की पूर्ति होती है।
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