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अजब-गजब: हजारों साल पहले भी होती थी कान की सर्जरी, पुरातत्वविदों को मिला ये सबूत

Tue, 22 Feb 2022 06:34 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हजारों साल पहले भी होती थी कान की सर्जरी - फोटो : Pixabay
पुरातत्वविदों ने हैरान करने वाली खोज की है। अभी तक माना जाता था कि सर्जरी की शुरुआत आधुनिक युग में हुई है, लेकिन अब एक ऐसा सबूत मिला है जिससे पता चलता है कि हजारों साल पहले भी सर्जरी होती थी। पुरातत्वविदों को एक 5300 साल पुरानी खोपड़ी मिली है। बताया जा रहा है कि इसके कान की सर्जरी हुई है जिसके सबूत मिलते हैं। 

पुरातत्वविदों की एक टीम ने स्पेन के एक मकबरे में इस खोपड़ी को खोजा है। सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि किए गए कान की सर्जरी का यह दुनिया में सबसे पुराना सबूत है। इस हजारों साल पुरानी खोपड़ी में एक कान के आसपास कई कट के निशान हैं। इसका मतलब यह है कि यह जिस व्यक्ति की खोपड़ी है उसके दर्द को दूर करने के लिए कान के आसपास की सर्जरी की गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है। 
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हजारों साल पहले भी होती थी कान की सर्जरी - फोटो : Pixabay
जानिए क्यों की गई थी सर्जरी
 
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेनिश शोधकर्ताओं ने साइंटिफिक रिपोर्ट्स में यह निष्कर्ष निकाला है। उनका कहना है कि यह मिला सबूत एक मास्टोइडेक्टोमी की तरफ इशारा कर रहा है। उन्होंने संभावना जताते हुए कहा है कि एक सर्जरी दर्द को दूर करने के लिए जाती है। यह वह दर्द है जो प्रागैतिहासिक शख्स को ओटिटिस मीडिया और मास्टोइडाइटिस की वजह हो सकता था। 
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हजारों साल पहले भी होती थी कान की सर्जरी - फोटो : Pixabay
महिला की है खोपड़ी

शोधकर्ताओं का रिसर्च के बाद कहना है कि एक मध्यम आयु वर्ग की महिला की यह खोपड़ी थी। यह महिला नवपाषाण युग की रहने वाली थी। डोलमेन डी एल पेंडन नाम के मकबरे में यह खोपड़ी मिली थी जो स्पेन के बर्गोस में स्थित है। वेलाडोलिड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 2016 में इस खोपड़ी को खोजा था। इसी दौरान 100 अन्य लोगों के अवशेष भी मिले थे। 
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हजारों साल पहले भी होती थी कान की सर्जरी - फोटो : Pixabay

खोपड़ी में मास्टॉयड हड्डियों के पास दोनों किनारों पर दो छेदों के सबूत भी मिले थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि कान पर बढ़ रहे दबाव को दूर करने के लिए यह सर्जरी करने की कोशिश की गई थी। 
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