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'जानलेवा जीभ' से खतरे में आई जान, यूं बचा नवजात

Tue, 17 Jan 2017 02:38 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बच्चे ने काफी लंबी जीभ के साथ जन्म लिया था। डॉक्टरों का मानना था कि इतनी बड़ी जीभ के साथ उसका ज्यादा दिन जिंदा रहना मुश्किल होगा लेकिन अब उसकी जीभ को काटकर आधा कर दिया गया है और उसे एक नया जीवन प्राप्त हुआ है। अपराजित लोधी नामक वो नवजात जन्म के बाद से ही मेक्रोग्लोसिया नामक बीमारी से पीड़ित हो गया था। इस बीमारी में बच्चो की जीभ असामान्य रूप से बहुत लंबी हो जाती है। 

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जन्म के बाद उसकी जीभ को देखते ही डॉक्टर भी हैरान हो गए थे। उन्होंने अपराजित के माता-पिता को यहां तक कह दिया था कि इतनी लंबी जीभ के साथ उसका ज्यादा दिन जिंदा रहना नामुमकिन है। ये लंबी जीभ उसके मुंह को बंद कर देगी और वो मुंह से कोई काम नहीं कर पाएगा।

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अपराजित की मां मिनी लोधी का कहना था कि अपने बच्चे की जीभ देख कर वो खुद डर गई थीं। वो मां का दूध तक नहीं पी पाता था और लगातार रोता था। मिनी असहाय थी क्योंकि वो अपने बच्चे के लिए कुछ नहीं कर सकती थी। बाद में डॉक्टरों की एक टीम ने अपराजित की जीभ का ऑपरेशन करने का फैसला किया। जन्म के 4 दिन बाद ही अपराजित के जीभ पर मौजूद ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया। 

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जबलपुर अस्पताल के डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अपराजित की जीभ पर एक बड़े आलू बुखारे जैसा ट्यूमर था जिसने उसकी जीभ की लंबाई को बहुत बढ़ा दिया था। अपराजित को मां के पेट में भी इसके चलते कुछ खाने को नहीं मिला। वो पेट से बाहर निकलकर मां का दूध भी नहीं पी पाया। इसलिए तुरंत उसका ऑपरेशन करना जरूरी था वरना उसकी मौत हो सकती थी।
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करीब 2 घंटे तक चले इस सर्जरी के बाद अपराजित के जीभ का ट्यूमर निकाल दिया गया। अब वो आसानी से मां का दूध पी सकता है। अपराजित के साथ-साथ उसके माता-पिता के चेहरे की रौनक भी लौट आई है। 
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