इस सांप की कहानी बेहद अजीबोगरीब है। सबसे पहले तो आपको यही अजीब लग रहा होगा कि आखिर इसे बिस्तर पर लेटा कर अंडा और ग्लूकोज क्यों दिया जा रहा है।
आप सोच रहे होंगे कि अस्पतालों में इंसानों के लिए बेड नहीं मिलते लेकिन यहां तो सांप को बेड दिया जा रहा है। अगर सच में आपके मन में ऐसा कोई ख्याल आया है तो यह खबर पढ़ना आपके लिए और भी जरूरी है।
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दरअसल यह एक घायल सांप और इंसान की दरियादिली से जुड़ी कहानी है। जी हां, छत्तीसगढ़ के नया रायपुर की यह घटना इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश करती है। यहां कौर परिवार ने एक घायल सांप की जान बचाकर इंसान होने का धर्म निभाया है। यह सांप उन्हें नया रायपुर में घायल अवस्था में मिला था। इसके बाद उन्होंने सांप का ऑपरेशन करवाकर उसकी जान बचाई।
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उसे इलाज के लिए अवंति विहार स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद सांप की जान बचा ली। सांप की रीढ़ की हड्डी टूट गई है, इसलिए उसे सप्ताहभर बेड रेस्ट पर रखा जाएगा। फिलहाल, सांप को खाने में अंडे का लिक्विड और ग्लूकोज दिया जा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस काम को अंजाम देने वाली रायपुर की मनजीत कौर बल नामक महिला है। नया रायपुर के एक घर में सांप निकलने की खबर फैली तो मोहल्ले में हड़कंप मच गया। जमा हुए लोगों ने मिलकर सांप की ऐसी हालत कर दी।
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इसकी जानकारी सोशल वर्कर बलवंत कौर को हुई तो वह घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन जब पहुंचीं तब तक लोगों ने सरिया से पकड़ कर सांप को घर से बाहर निकाल लिया था। सरिए से सांप को चोट लग गई थी, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी।
बलवंत कौर ने नामक इस महिला ने सांप के घायल होने की सूचना अपनी बेटी को दी। मनजीत ने तुरंत सांप को देवपुरी स्थित ऑफिस लाने की बात कही। मनजीत कौर सांप के इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गई।
अवंति विहार स्थित डॉक्टर के अस्पताल सांप की सफाई की फिर बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसका ऑपरेशन शुरू हुआ जो 45 मिनट चला। ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद अधमरा हुए सांप को होश आ गया। सांप की हालत खतरे से बाहर है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि हफ्तेभर बेड रेस्ट के बाद वह सामान्य हो जाएगा।