अफ्रीका और एशिया की सेहियां बड़ी, नाटी और छोटी टांगों वाली होती हैं, जिनकी एक छोटी-सी पूंछ होती है। इसको साही के नाम से भी बुलाया जाता है। इसके शरीर के बाल मोटे, मजबूत और नुकीले होते हैं, जो इसे दुश्मनों से बचने में मदद करते हैं। इन बालों को सेही के कांटे भी कहते हैं।
सेही के शरीर हिलाने पर यह कांटे झड़ते हैं, लेकिन यह धारणा गलत है कि सेही इन कांटों को अपने दुश्मन पर फेंक सकती है। भारतीय सेही मध्य भारत के उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों, पहाड़ियों और तंग घाटियों में रहती हैं।
सेही दिन का अधिकांश समय अपने बिल में व्यतीत करती है, लेकिन रात के समय फसलों, शाक-सब्जियों और पौधों की जड़ों को खाने के लिए बाहर निकलती है। सेही सूअर की तरह घुर-घुर की ध्वनि निकालती है।