फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganesh Temple: दुनिया में कहीं नहीं है भगवान गणेश का ऐसा मंदिर, जानें इससे जुड़े अद्भुत रहस्य

Thu, 01 Sep 2022 11:19 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
दुनिया में कहीं नहीं है भगवान गणेश का ऐसा मंदिर - फोटो : istock

भारत में भगवान गणेश को समर्पित कई चमत्कारिक मंदिर हैं। हर मंदिर का पौराणिक महत्व है। तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले में स्थित भगवान गणेश का मंदिर भी अपनी  खासियत और पौराणिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर दूसरे मंदिरों से बिल्कुल अलग है। जहां हर मंदिर में भगवान गणेश गज रूप में विराजमान हैं, तो वहीं इस मंदिर में भगवान की पूजा इंसान के रूप में की जाती है। आईए जानते हैं इस मंदिर का पौराणिक महत्व और इससे जुड़ी अद्भुत कहानियां।



मान्यता है कि भगवान शंकर ने एक बार क्रोधित होकर भगवान गणेश की गर्दन को काट दिया था। इसके बाद भगवान श्री गणेश को गज का मुख लगा दिया गया। हर मंदिर में भगवान गणेश की गज रूप में प्रतिमा स्थापित है, लेकिन आदि विनायक मंदिर में भगवान गणपति के इंसान के चेहरे वाली प्रतिमा स्थापित है। गज मुख लगाए जाने से पहले भगवान का चेहरा का इंसान था, इसलिए विनायक मंदिर में उनके इस रूप की पूजा होती है। 
विज्ञापन

2 of 5
दुनिया में कहीं नहीं है भगवान गणेश का ऐसा मंदिर - फोटो : istock
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, प्रसिद्ध आदि विनायक मंदिर में भगवान राम ने पितरों की आत्मा की शांति के लिए भगवान गणेश की पूजा की थी। तब से ही इस मंदिर में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा करने की मान्यता है। तिलतर्पणपुरी के नाम से भी यह मंदिर दुनियाभर में जाना जाता है। लोग अपने पितरों की शांति के लिए नदी किनारे पूजा करते हैं, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान मंदिर में किया जाता है। तिलतर्पण का मतलब होता है कि पितरों को समर्पित शहर। 
विज्ञापन

3 of 5
दुनिया में कहीं नहीं है भगवान गणेश का ऐसा मंदिर - फोटो : istock

आदि विनायक मंदिर में भगवान गणेश के साथ यहां पर भगवान शिव और माता सरस्वती की भी पूजा होती है। इस मंदिर में विशेष तौर पर भगवान शंकर की ही पूजा होती है, लेकिन श्रद्धालु आदि विनायक और मां सरस्वती की भी पूजा करते हैं।

4 of 5
दुनिया में कहीं नहीं है भगवान गणेश का ऐसा मंदिर - फोटो : istock
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान राम अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जब पूजा कर रहे थे, तो उनके रखे चार चावल के लड्डू कीड़े के रूप में बदल गए थे। भगवान राम जब-जब ऐसा करते तो चावल के लड्डू कीड़े के रूप में परिवर्तित हो जाते। इसके बाद भगवान राम ने शिव जी से इसका हल जानने की कोशिश की, तो भगवना शंकर ने आदि विनायक मंदिर में विधिपूर्वक पूजा करने की सलाह दी। इसके बाद भगवान राम ने पितरों की आत्मा शांति के लिए पूजा की। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दुनिया में कहीं नहीं है भगवान गणेश का ऐसा मंदिर - फोटो : istock
मान्यता है कि पूजा के दौरान चावल के चार पिंड शिवलिंग बन गए। यह चारों शिवलिंग आदि विनायक मंदिर के पास मौजूद मुक्तेश्वर मंदिर में स्थापित हैं जिनकी पूजा की जाती है। बताया जाता है कि महा गुरु अगस्त्य स्वयं हर "संकटहार चतुर्थी" को आदि विनायक की पूजा करते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें