प्रतीकात्मक तस्वीर
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वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्रेटर एड्रिया का अधिकांश भाग पानी के अंदर था, जो छिछले समुद्रों, प्रवाल भित्तियों और तलछटों से ढंका हुआ था। इन तलछटों की चट्टानें बनीं और धीरे-धीरे ये चट्टानें पर्वत शृंखलाओं में बदल गईं। इनसे ही आल्प्स, एपिनेन्स, बाल्कन्स, ग्रीस और तुर्की के पर्वतों का निर्माण हुआ। इस खोए हुए महाद्वीप के अवशेषों को तुर्की में टौरस के पर्वतों में देखा जा सकता है।