आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी का एमबीबीएस का जला हुआ ओएमआर शीट
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क्या कहता है नियम?
नियमों के अनुसार पीएमसीएच के किसी डॉक्टर को हिरासत में लेने से पहले प्रशासन को सूचना दी जाती है। पुलिस को डॉक्टर का आधार कार्ड, एडमिट कार्ड या आईडी कार्ड भी अपने पास रखना होता है। लेकिन, पीरबहोर थाना पुलिस ने इस मामले में ऐसा नही किया। आरोपी अजय को बिना पीआर बांड के ही छोड़ दिया।
'उसे छोड़ दीजिए, मैं इसे देखता हूं'
सूत्रों का कहना है कि मामले को लेकर पीरबहोर थानेदार की ओर से पीएमसीएच के अधीक्षक को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद थानेदार ने प्रिंसिपल से संपर्क किया गया, बातचीत के दौरान प्रिंसिपल ने कहा- 'उसे छोड़ दीजिए, कल मैं इसे देखता हूं।' ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में कई लोगों की मिलीभगत हो सकती है।