मानसिक तौर पर बीमार थे मदन मांझी
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वर्ष 2004 में काम के सिलसिले में बाहर गया था युवक
जानकारी के मुताबिक, मदन मांझी वर्ष 2004 में जीविकोपार्जन के लिए केरल गया था और वह पहले से ही बीमार था। केरल में मदन की दिमागी हालत और कमजोर होने के कारण परिजन उसको लेने केरल चले गए थे तो परिजन के साथ केरल से वापस आने के दौरान मदन चलती ट्रेन से कूद गया था। फिर कहीं और चला गया था। उसके बाद उसे वापस लाने गए लोग उसको दोबारा ढूंढने लगे और करीब पांच वर्ष तक काफी खोजबीन की, पर वह नहीं मिला। उसके बाद परिजन उसको मृत मान चुके थे। वहीं, मदन के माता-पिता की भी बेटे के वियोग में मृत्यु हो गई थी। वहीं, पिछले दिनों कांटी थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने परिजनों को मदन के जिंदा होने की सूचना दी थी, जिसे लेकर परिजन को विश्वास नहीं हुआ।
पुलिस ने बताया था कि मदन बिलासपुर में है और उसने वहीं पर रह कर अपना इलाज कराया और फिर ठीक हुआ था। उसके बाद इसकी जानकारी पुलिस और संस्था को दी। उसके बाद परिजन वाहन रिजर्व कर मदन से मिलने और देखने के लिए बिलासपुर पहुंच गए। वहां, मदन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक स्वयंसेवी संस्था घरौंदा में रह रहा था।