फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: 20 साल बाद अचानक घर लौटा युवक, परिजनों में खुशी; माता-पिता ने वियोग में तोड़ा था अपना दम

Fri, 24 May 2024 02:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar News: 20 साल बाद अचानक घर लौटा युवक, परिजनों में खुशी; माता-पिता ने वियोग में तोड़ा था अपना दम
Bihar News: Madan Manjhi suddenly returned home after 20 years, family happy; parents had died in separation
 
विज्ञापन
1 of 3
बीस साल बाद घर लौटे मदन मांझी - फोटो : अमर उजाला
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड के रामनाथ धमौली पंचायत के कलवारी गांव निवासी मदन मांझी लगभग दो दशक के बाद छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर से अपने परिजनों के साथ घर वापस लौट आए। मदन मांझी के सकुशल घर वापसी से उसके भाई सजन मांझी के साथ पूरा परिवार और आसपास के लोग बहुत खुश दिखे। मानसिक रूप से बीमार मदन की सकुशल वापसी में बिलासपुर पुलिस और मेंटल हॉस्पिटल के कर्मी, स्वयंसेवी संस्था घरौंदा के संचालक अंशु गौड़, डॉ. दीप्ति, काउंसलर विजेंद्र कुमार चंदेल और कांटी थाना पुलिस का अहम योगदान रहा।
 
विज्ञापन

2 of 3
मानसिक तौर पर बीमार थे मदन मांझी - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2004 में काम के सिलसिले में बाहर गया था युवक
जानकारी के मुताबिक, मदन मांझी वर्ष 2004 में जीविकोपार्जन के लिए केरल गया था और वह पहले से ही बीमार था। केरल में मदन की दिमागी हालत और कमजोर होने के कारण परिजन उसको लेने केरल चले गए थे तो परिजन के साथ केरल से वापस आने के दौरान मदन चलती ट्रेन से कूद गया था। फिर कहीं और चला गया था। उसके बाद उसे वापस लाने गए लोग उसको दोबारा ढूंढने लगे और करीब पांच वर्ष तक काफी खोजबीन की, पर वह नहीं मिला। उसके बाद परिजन उसको मृत मान चुके थे। वहीं, मदन के माता-पिता की भी बेटे के वियोग में मृत्यु हो गई थी। वहीं, पिछले दिनों कांटी थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने परिजनों को मदन के जिंदा होने की सूचना दी थी, जिसे लेकर परिजन को विश्वास नहीं हुआ।

पुलिस ने बताया था कि मदन बिलासपुर में है और उसने वहीं पर रह कर अपना इलाज कराया और फिर ठीक हुआ था। उसके बाद इसकी जानकारी पुलिस और संस्था को दी। उसके बाद परिजन वाहन रिजर्व कर मदन से मिलने और देखने के लिए बिलासपुर पहुंच गए। वहां, मदन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक स्वयंसेवी संस्था घरौंदा में रह रहा था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
मदन के वापस लौट पर परिजनों और ग्रामीणों में छायी खुशी - फोटो : अमर उजाला
मिलन नाम दिया गया था, अब बोलने लगा मैं मदन हूं
बताया जा रहा है कि बिलासपुर पुलिस मदन को 2007 में मानसिक रोगी के रूप में सड़क से उठा इलाज के लिए लाई थी। उस समय मदन कुछ भी बोलने और करने की स्थिति में नहीं था। इस कारण से रजिस्टर में मदन को मिलन नाम दिया गया। कई वर्ष के इलाज और काउंसलिंग के बाद धीरे-धीरे मदन कुछ-कुछ बोलने लगा। उसके द्वारा बताए गए नाम और पते पर छानबीन शुरू की गई। अंततः सभी लोगों के सालों की मेहनत रंग लाई। अब मदन अपने परिजन से मिलने में सफल रहा और करीब 20 वर्ष के बाद अपने घर लौट आया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें