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Netula Temple: बिहार के अलावा दूसरे प्रदेशों से आते हैं श्रद्धालु, नेत्र और पुत्र प्राप्ति के लिए दे रहे दंडवत

Thu, 03 Oct 2024 03:04 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई

सार

Netula Temple: बिहार के अलावा दूसरे प्रदेशों से आते हैं श्रद्धालु, नेत्र और पुत्र प्राप्ति के लिए दे रहे दंडवत
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मां नेतुला मंदिर, जमुई - फोटो : अमर उजाला
शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की नौ रूपों की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया है। मंदिरों में माता की जयकारे गूंजने लगे हैं। हर तरफ लोग विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना के लिए जुट चुके हैं।
 
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नेतुला मंदिर जमुई - फोटो : अमर उजाला
जमुई जिले में मां दुर्गा का एक ऐसा मंदिर है, जहां नेत्र व पुत्र प्राप्ति के लिए प्रत्येक साल हजारों की संख्या में महिलाएं पहुंचती हैं और लगातार पूरे नौ दिनों तक शाम-सुबह दंडवत देकर मां दुर्गा की आराधना करती हैं। हम बात कर रहे हैं उस मंदिर की जो जमुई के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत कुमार गांव में मां नेतुला मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां एक-दो दिन का मेला नहीं, बल्कि पूरे नौ दिन का मेला लगा रहता है। जहां पर हजारों हजार की संख्या में बिहार के अलावा झारखंड, बंगाल, यूपी, महाराष्ट्र और गुजरात समेत विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु खासकर महिलाओं का जमघट लगता है। 
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दंडवत करते हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
यह नजारा आप किसी भी समय माता के दरबार कुमार गांव में पहुंचकर देख सकते हैं। शारदीय नवरात्र के अवसर पर सिकंदरा प्रखंड के कुमार गांव में लगातार नौ दिनों तक मेला सा नजारा देखने को मिलता रहता है। सुबह-शाम आसपास के महिला पुरुष एवं बच्चे भी कुमार गांव पहुंचकर सुबह कष्टी देते हैं एवं शाम को भव्य आरती में शामिल होते हैं। बता दें कि नवरात्र शुरू होते ही मां के दरबार में आस्था का भारी सैलाब उमड़ रहा है। 

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मंदिर - फोटो : अमर उजाला
यहां दूरदराज से आए महिलाएं एवं पुरुष भी कष्टी दे रहे हैं। जहां यात्रियों के लिए ठहरने का उत्तम प्रबंध भी है। मां नेतुला मंदिर के समीप यात्री कुंज भवन, दो कमरा का धर्मशाला, सभा भवन, सामुदायिक भवन, हाईस्कूल, राइस मिल और मंदिर परिसर में भी श्रद्धालु अपना-अपना ठहराव कर माता के भजन में लीन रह रहे हैं।

मंदिर परिसर में कष्टी के लिए सुबह तीन बजे से दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के गांव से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु कुमार गांव पहुंचकर बगल में तालाब में स्नान कर माता के दरबार में कष्टी देने जुट जाते हैं। वहीं, देर शाम ब्राह्मणों के द्वारा मंत्रों उच्चारण कर  भव्य आरती की जाती है, जिसमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
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मंदिर में श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
मंदिर कमेटी के द्वारा इस बार मंदिर को अलग ढंग से सजवाया गया है। जो लोगों के बीच एक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर के अलावा चारों दिशाओं में करीब दो से तीन किलोमीटर तक सड़कों को भी सजाया गया है। विभिन्न जगहों पर पर्याप्त रोशनी वाले लाइट लगाई गई है। ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई परेशानियों का सामना न करना पड़े। 
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मंदिर और श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
मंदिर कमेटी के अनुसार, इस बार भी नेत्र व पुत्र प्राप्ति के लिए मां नेतुला मंदिर में कष्टी देने पांच हजार से अधिक श्रद्धालु बिहार के अलावा झारखंड, बंगाल, यूपी, महाराष्ट्र और गुजरात समेत विभिन्न राज्यों से पहुंचे हैं। यहां माता की मंदिर में शक्तिपीठ की पूजा होती है, जो नेत्र और पुत्र के नाम से जाना जाता है। जो भी भक्त सच्चे मन से पूजा अर्चना करते हैं, उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
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