मंदिर
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यहां दूरदराज से आए महिलाएं एवं पुरुष भी कष्टी दे रहे हैं। जहां यात्रियों के लिए ठहरने का उत्तम प्रबंध भी है। मां नेतुला मंदिर के समीप यात्री कुंज भवन, दो कमरा का धर्मशाला, सभा भवन, सामुदायिक भवन, हाईस्कूल, राइस मिल और मंदिर परिसर में भी श्रद्धालु अपना-अपना ठहराव कर माता के भजन में लीन रह रहे हैं।
मंदिर परिसर में कष्टी के लिए सुबह तीन बजे से दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के गांव से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु कुमार गांव पहुंचकर बगल में तालाब में स्नान कर माता के दरबार में कष्टी देने जुट जाते हैं। वहीं, देर शाम ब्राह्मणों के द्वारा मंत्रों उच्चारण कर भव्य आरती की जाती है, जिसमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।