सहरसा के महिषी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ उग्रतारा मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर माता को 56 भोग अर्पित करने की सदियों पुरानी परंपरा को श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाया गया। ठिठुरती ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालु देर रात तक माता के दर्शन और भोग के प्रसाद के लिए मंदिर में मौजूद रहे।
आधी रात को परोसा गया 56 भोग
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात माता उग्रतारा को 56 भोग अर्पित किया गया। इसमें नवधान्य से बनी खिचड़ी, खीर, दही, मिठाई और अन्य विशेष व्यंजन शामिल थे। मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह भोग सभी के कल्याण और सुख-शांति के लिए परोसा जाता है। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में प्रणाम कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस आयोजन में आसपास के जिलों और दूरदराज से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे।