New Bike Speed: आपने अक्सर सुना होगा कि नई बाइक को तेज रफ्तार में नहीं चलाना चाहिए। लोग तो ये बात पूरे विश्वास के साथ कहते हैं लेकिन इसके पीछे की वजह नहीं जानते। तो यहां हम आपको बताएंगे कि नई बाइक को कुछ समय तक कम स्पीड में चलाने की सलाह क्यों दी जाती है और ऐसा न करने पर क्या सच में नुकसान हो सकता है?
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नई बाइक के साथ न करें ये खिलवाड़
- फोटो : Triumph Motorcycles
अगर आपने हाल ही में कोई नई बाइक खरीदी है और उसे 80-100 की स्पीड में भगाकर थ्रील का आनंद ले रहे हैं, तो ये हरकत आपकी नई-नवेली बाइक के इंजन के लिए घातक हो सकती है। नई बाइक को तुरंत तेज रफ्तार में दौड़ाना न सिर्फ इंजन के लिए हानिकारक होता है, बल्कि इससे बाइक की लंबी उम्र और बेहतर परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है। यहां हम आपको बताने वाले हैं कि नई बाइक को शुरूआत में क्यों अधिक स्पीड में न चलाने की सलाह दी जाती है।
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पहले 2,000 किलोमीटर सबसे अहम
- फोटो : KTM India
पहले 2,000 किलोमीटर सबसे अहम
बता दें कि बाइक बाइक को कंपनियां पहले 1800-2000 किलोमीटर काफी सावधानी से चलानी की सलाह देती हैं। अगर उदाहरण लें तो, Bajaj के मुताबिक उसकी Pulsar 150 बाइक को पहले 2,000 किलोमीटर तक सावधानी से चलाने की सलाह दी गई है। इस दौरान बाइक को पहले 1000 किलोमीटर तक 45 किमी/घंटा की अधिकतम स्पीड को पार न करने की सलाह दी गई है। वहीं, अगले 1,000 किलोमीटर में अधिकतम स्पीड केवल 55 किमी/घंटा ही रखने की सलाह कंपनी देती है।
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गियर के अनुसार इतनी रखें स्पीड
- फोटो : Kawasaki India
गियर के अनुसार इतनी रखें स्पीड
बजाज के मुताबिक, पहले 1000 किलोमीटर तक पहले गियर में अधिकतम 10 किमी/घंटा, दूसरे में 20 किमी/घंटा, तीसरे में 30, चौथे में 35 और पांचवें गियर में अधिकतम 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही बाइक चलानी चाहिए। वहीं 1000 से 2000 किलोमीटर के बीच यह लिमिट थोड़ी बढ़ा दी जाती है। इस दौरान पहले गियर में 15, दूसरे में 30, तीसरे में 40, चौथे में 45 और पांचवें गियर में अधिकतम 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही बाइक चलाने की सलाह दी गई है।
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क्यों होती है स्पीड लिमिट?
- फोटो : Yezdi
नई बाइक के लिए क्यों होती है स्पीड लिमिट?
नई बाइक को पहले कुछ किलोमीटर तक कंपनियां अधिक स्पीड में न चलाने की सलाह देती हैं। इसे 'रनिंग-इन' पीरियड कहा जाता है, जो किसी भी नई बाइक के लिए पहले 2000 किलोमीटर तक का होता है। इंजन और ट्रांसमिशन के पुर्जे नए होते हैं और उन्हें घिसकर फिट बैठने में समय लगता है। इस दौरान बाइक के इंजन और अन्य अहम हिस्से आपस में तालमेल बिठाते हैं और यदि इस समय बाइक को तेज चलाया जाए, तो इसके पुर्जों में जल्दी घिसावट शुरू हो सकती है।
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बाइक को स्टार्ट कर तुरंत न भगाएं
- फोटो : Kawasaki
बाइक को स्टार्ट कर तुरंत न भगाएं
ज्यादातर बाइक चालक हमेसा बाइक को स्टार्टकर तुरंत भगा देते हैं। कंपनी के मुताबिक लंबे समय तक ऐसा करना इंजन को नुकसान पहुंचाता है और पुरजों में घिसावट आने लगती है। बजाज के मुताबिक, बाइक को स्टार्ट करने के बाद कम से कम 1 मिटन तक उसे नहीं चलाना चाहिए। बाइक को स्टार्ट करने के बाद समय दें ताकि इंजन ऑयल इंजन में अच्छी तरह सर्कुलेट हो पाए। इससे इंजन की लुब्रिकेशन अच्छी होगी।
तेज ब्रेकिंग से भी बचें
कंपनी बाइक से बेहतर परफॉर्मेंस के लिए 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार में ही चलाने की सलाह देती है। कंपनी का यह भी कहना है कि अगर जरूरी न हो तो बाइक में बार-बार ब्रेक लगाने और हार्ड ब्रेकिंग करने से बचना चाहिए।