आजकल सबसे सस्ती कार और बाइक भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। इस बढ़ती महंगाई में सबसे ज्यादा फायदा किसे हो रहा है—कंपनी, डीलर या सरकार? जानिए पूरी सच्चाई।
Who Benefits Most From Automobile Sales: पहले सस्ती मिलने वाली कार और बाइक की कीमत भी आज काफी बढ़ गई है। हालात ये हैं कि अब सबसे कम बजट वाली गाड़ी खरीदने में भी आम आदमी के पसीने छूट रहे हैं। आपको बेचे जाने वाली हर कार बाइक में कंपनी और डीलर का कट-कमीशन होता है, तो वहीं सरकार वाहनों पर टैक्स लगाकर आपसे कमाई करती है। यानी आपको बेचे जाने वाले हर वाहन पर कंपनी से लेकर सरकार मुनाफा कमाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पता है कि आपको बेचे जाने वाले वाहन पर इन तीनों में से कौन सबसे ज्यादा कमाई करता है? अगर नहीं तो यहां हम आपको इसके बारे में बताने वाले हैं।
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Automobile Industry
- फोटो : PTI
भारत में कितनी बिकती हैं कारें और बाइक
वाहनों की बिक्री के लिहाज से भारत दुनिया में ऑटोमोबाइल का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। वित्त वर्ष 2024-2025 के आंकड़ों को देखें तो देश में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच कारों की बिक्री 43.2 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2.5 फीसदी अधिक थी। वहीं, दोपहिया वाहनों की बिक्री 1.96 करोड़ यूनिट्स रही, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 9.1% अधिक रहा।
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GDP में योगदान
- फोटो : अमर उजाला
ऑटोमोबाइल सेक्टर का GDP में योगदान
भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) में ऑटोमोबाइल सेक्टर की हिस्सेदारी 6 से 7.1 फीसदी तक है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग में यह सेक्टर 49 फीसदी का योगदान देता है। ऐसे में वाहनों की बिक्री से होने वाली कमाई से देश में आर्थिक गतिविधियों को बल मिल रहा है।
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कार प्लांट
- फोटो : Volkswagen
कितना होता है मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी को मुनाफा
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम- SIAM) के मुताबिक, शोरूम में बिकने वाले वाहनों पर कंपनियों को 3 से 9 फीसदी तक का मुनाफा होता है। इनमें सबसे ज्यादा मार्जिन दो-पहिया वाहनों की बिक्री पर मिलता है। टू-व्हीलर्स की बिक्री पर कंपनियां 9 फीसदी तक मुनाफा कमाती हैं, जबकि पैसेंजर वाहनों (कार-एसयूवी) के मामले में यह 5 से 6 फीसदी तक होता है। वाहन बनाने वाली कंपनियों को सबसे कम मुनाफा कमर्शियल वाहनों की बिक्री से होता है जो केवल 3 से 4 फीसदी तक होता है।
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डीलरशिप
- फोटो : Freepik
डीलर की कितनी होती है कमाई?
कार या बाइक डीलर का लाभ, वाहन के प्रकार, ब्रांड, और डीलरशिप के स्थान के आधार पर अलग-अलग होते हैं। सामान्य तौर पर, डीलर एक कार या बाइक की बिक्री पर 3% से 7.49% का मार्जिन कमाते हैं। कुछ मामलों में, यह 10% से 15% तक भी हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में डीलर को अधिक मार्जिन मिलता है। डीलर वाहनों के साथ बिक्री होने वाली एक्सेसरीज, इंश्योरेंस और फाइनेंस के माध्यम से भी कमाई कर लेते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
सबसे ज्यादा कमाई करती है सरकार
कार कंपनियां और डीलर एक गाड़ी बेचकर जितनी कमाई करती हैं उससे कई गुना अधिक मुनाफा सरकार की झोली में चला जाता है। सरकार वाहनों पर टैक्स लगाकर कमाई करती है। यह टैक्स जीएसटी, आरटीओ शुल्क, इंश्योरेंस पर टैक्स, सेस और कई अन्य माध्यम से ग्राहकों से लिए जाते हैं। जब आप गाड़ी खरीदने जाते हैं तो उसकी एक्स-शोरूम कीमत पर 28% GST जुड़ा होता है। वहीं, वाहनों पर सेस (Cess) 1 से 22 फीसदी तक होता है। इन सब के अलावा, RTO शुल्क और इंश्योरेंस पर जीएसटी लगाकर भी सरकार कमाई करती है। कुल मिलाकर सरकार एक वाहन की कीमत का 50 फीसदी तक ग्राहक से वसूल लेती है।
गाड़ियों पर लगता है 28% जीएसटी
- फोटो : Amar Ujala
जीएसटी कम करने की मांग
भारत में वाहनों की कीमत कम हो, ताकि ग्राहकों के लिए वाहन खरीदना आसान हो सके, इस मांग को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियां काफी समय से वाहनों पर GST की दरों को कम करने का अनुरोध कर रही हैं। हालांकि, इस बजट में भी सरकार ने वाहनों पर जीएसटी को कम करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया। मौजूदा समय पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाता है। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों पर यह 5 फीसदी है।