भारत में सेकेंड हैंड कार (यूज्ड कार या प्री-ओन्ड कार) बाजार में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। यहां हम आपको कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं, जिससे आप अपने यूज्ड कार को कई वर्षों तक बेहतर एक्सपीरियंस के साथ ड्राइव कर सकते हैं।
भारत में सेकेंड हैंड कार (यूज्ड कार या प्री-ओन्ड कार) बाजार में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। खरीदार अपनी पसंद को तवज्जो दे रहे हैं। वे नई और महंगी गाड़ियों के बजाय फीचर्स से भरपूर, ज्यादा किफायती वाहनों को चुनते हैं। सेकंड हैंड कारों की बढ़ती बिक्री का कारण भी यही है। बदलते दौर में उपभोक्ता स्मार्ट फाइनेंसिशयल डिसिजन ले रहे हैं, जिससे प्री-ओन्ड व्हीकल्स के बाजार में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
जो उपभोक्ता यूज्ड कार इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए वाहन का रेगुलर मेंटेनेंस करना काफी अहम होता है। जिससे वाहन का बेहतरीन परफॉर्मेंस, सुरक्षा और लंबी उम्र सुनिश्चित हो सके। साथ ही वाहन की रीसेल वैल्यू भी बनी रहे। यहां हम आपको कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं, जिससे आप अपने यूज्ड कार को कई वर्षों तक बेहतर एक्सपीरियंस के साथ ड्राइव कर सकते हैं।
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Car Maintenance Tips
- फोटो : Amar Ujala/Amar Sharma
इंजन और ट्रांसमिशन की देखभाल
इंजन को वाहन का दिल कहा जाता है जो इसकी रफ्तार को पावर देता है। और यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह सुचारू रूप से चले, नियमित रूप से फिटनेस जांच महत्वपूर्ण है। बेहतर परफॉर्मेंस के लिए इंजन में उचित एयर फ्लो सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए हर 15 हजार से 30 हजार मील पर एयर फिल्टर बदलें। ऑप्टिमम एफिशिएंसी बनाए रखने के लिए टाइमिंग बेल्ट या चेन को बदलने और नियमित रूप से ऑयल बदलने के लिए निर्माता के दिशानिर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी जाती है।
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Car Battery
- फोटो : Freepik
बैटरी की जांच
सेकंड-हैंड कार खरीदने से पहले, बैटरी की लाइफ का पता लगाना। और समय रहते उसे बदल देना जरूरी है, इससे पहले कि बैटरी अपनी पावर स्टोर करने की क्षमता खो दे। साथ ही, जंग, किसी नुकसान या लीकेज जैसे कारकों पर ध्यान देना जरूरी है। जो भारतीय सड़कों पर एक सहज यात्रा में बाधा डाल सकते हैं।
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Car Suspension System
- फोटो : Freepik
सस्पेंशन और अलाइनमेंट
सस्पेंशन वाहन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह वाहन को स्थिर देता है, ताकि यह उबड़-खाबड़ सड़कों पर भी आरामदेह ड्राइविंग एक्सपीरिसंय दे सके। सस्पेंशन के नियमित रखरखाव में विजुअल निरीक्षण, सस्पेंशन का शोर, राइड कंफर्ट और टायर के घिसाव को शामिल किया जाना चाहिए। भारत की सड़कों की अलग-अलग स्थितियों पर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए उचित अलाइनमेंट भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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Car Brake
- फोटो : Freepik
ब्रेक हेल्थ
स्पंजी या सॉफ्ट ब्रेक पैडल जैसे चेतावनी संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। और यह सुनिश्चित करना है कि कम ब्रेकिंग पावर और ब्रेक फेल से बचने के लिए ब्रेक सिस्टम की मरम्मत की जानी चाहिए। इसलिए सुरक्षा के लिए नियमित ब्रेक मेंटेनेंस महत्वपूर्ण है।
सर्विस हिस्ट्री की जांच
कार के सर्विस रिकॉर्ड और ओनरशिप हिस्ट्री पर नजर डालना बहुत जरूरी है। इससे कार की स्थिति को समझने और किसी भी पिछली समस्या की पहचान करने में मदद मिलती है। वेरिफाइड रिकॉर्ड अधिकृत डीलरशिप से इसे हासिल किआ जा सकता है। जिससे उचित मेंटेनेंस सुनिश्चित होता है। और वाहन के इतिहास में कोई अंतराल नहीं होता है। जिससे इसकी विश्वसनीयता के बारे में अहम जानकारी मिलती है।