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- फोटो : AI
डीलरों पर इन्वेंट्री का दबाव इतना ज्यादा क्यों है?
डीलर-लेवल डेटा और इंडस्ट्री अधिकारियों के मुताबिक,
- पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और सीएनजी
- लगभग सभी प्राइस पॉइंट्स और सेगमेंट
इस इन्वेंट्री दबाव की चपेट में हैं।
जैसे-जैसे महीना खत्म होता है, पुराने स्टॉक को निकालने का दबाव और बढ़ जाता है। कंपनियां और डीलर मिलकर रिटेल स्कीम चला रहे हैं। ताकि MY2025 की गाड़ियां जल्द से जल्द बिक सकें। डीलरों का कहना है कि
- ऑफिशियल डिस्काउंट से ज्यादा
- जमीन पर मिलने वाले फायदे
अक्सर कैश डिस्काउंट, फ्री एक्सेसरीज़, सस्ता इंश्योरेंस और एक्सचेंज बोनस के रूप में दिए जा रहे हैं।
एक्सपर्ट्स इस डिस्काउंट साइकल को कैसे देख रहे हैं?
जाटो डायनैमिक्स के रवि भाटिया के मुताबिक,
- 2025 में वेटेड इंसेंटिव्स में बढ़ोतरी सिर्फ 0.5 प्रतिशत रही
- जबकि एवरेज सेलिंग प्राइस 1.2% बढ़ी
उनका मानना है कि धीमी बिकने वाली वेरिएंट्स को आगे बढ़ाने के लिए टैक्टिकल डिस्काउंट दिए जा रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे 2026 आगे बढ़ेगा, इंसेंटिव्स धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। हालांकि, इंडस्ट्री अधिकारियों को उम्मीद है कि यह डिस्काउंटिंग कम से कम अगले कुछ महीनों तक जारी रह सकती है।
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