ऐसे समय में जब कार निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर जोर दे रही हैं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाइब्रिड पावरट्रेन पर चलने वाली कारों की तारीफ की है।
ऐसे समय में जब कार निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर जोर दे रही हैं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाइब्रिड पावरट्रेन पर चलने वाली कारों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि समय के साथ हाइब्रिड वाहनों पर उनका नजरिया बदल गया है।
गोयल ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा, "मैं हाइब्रिड के खिलाफ था, लेकिन मैंने अपना विचार बदल दिया।" उन्होंने तर्क दिया कि आगे के शोध ने उन्हें हाइब्रिड, खास तौर पर प्लग-इन वर्जन को व्यावहारिक ट्रांजिशन वाहनों के रूप में समझने में मदद की।
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क्या होता है हाइब्रिड वाहन
आम भाषा में कहें तो हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (HEV) में इंटरनल कंब्शन इंजन (आमतौर पर पेट्रोल) और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों का इस्तेमाल होता है। मंत्री ने इस बात पर रोशनी डाली कि प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (PHEV), जो इलेक्ट्रिक मोटर को चलाने और पहियों को आगे बढ़ाने के लिए बिजली के बाहरी स्रोत पर निर्भर करता है। यह ड्राइविंग रेंज की चिंता को कम कर सकता है, ईंधन की खपत को कम कर सकता है और पेट्रोल पर निर्भरता को कम कर सकता है।
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हाइब्रिड कारों की बिक्री बढ़ी
जेएटीओ डायनेमिक्स इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2024 के बीच हाइब्रिड कारों की बिक्री में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जिसमें स्टॉन्ग और प्लग-इन दोनों वर्जन शामिल हैं। इनकी बिक्री एक साल पहले हुई 40,811 यूनिट्स से बढ़कर 51,897 यूनिट्स तक पहुंच गई। यह उछाल भारतीय उपभोक्ताओं के बीच हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
हालांकि, गोयल की टिप्पणी जी-20 शेरपा अमिताभ कांत से मेल नहीं खाते हैं। कांत ने पहले साफ तौर पर कहा था कि हाइब्रिड वाहन फुल इलेक्ट्रिफिकेशन (पूर्ण विद्युतीकरण) की दिशा में सिर्फ एक 'मध्यवर्ती कदम' हैं।
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ईवी नीति की तारीफ
उन्होंने ईवी नीति और पीएम ई-बस सेवा योजना जैसे सरकारी प्रोत्साहनों पर भी रोशनी डाली। यह योजनाएं टिकाऊपन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और कार्बन तटस्थता की ओर बढ़ने को रेखांकित करते हैं। गोयल ने कहा, "आज, स्वामित्व की कुल लागत पर, इलेक्ट्रिक वाहन के अलावा कुछ भी खरीदना समझदारी नहीं है।"
उन्होंने कहा कि अब (ईवी की ओर) बदलाव के लिए "सही समय" है। उन्होंने वाहन निर्माताओं से विद्युतीकरण रणनीतियों को तुरंत अपनाने का भी आग्रह किया। क्योंकि कई लोग 2030 और 2035 के बीच नेट-जीरो ट्रांजिशन का लक्ष्य रखते हैं।
टेस्ला का स्वागत है
गोयल ने देश में मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए टेस्ला सहित वैश्विक ईवी निर्माताओं को लाने में अपनी दिचस्पी जताई। उन्होंने कहा, "हमें दुनिया भर की सभी कंपनियों का भारत में आने और निवेश करने, यहां इलेक्ट्रिक वाहन बनाने में स्वागत करते हुए बहुत खुशी होगी।"