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Self-Driving Cars: टेस्ला को सेल्फ-ड्राइविंग कार हादसों की रिपोर्टिंग के नए नियमों से होगा सबसे ज्यादा फायदा

Mon, 28 Apr 2025 07:49 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस हफ्ते ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किए गए नए नियमों से टेस्ला को बड़ा फायदा हो सकता है। अब ऑटो कंपनियों को अपनी सेल्फ-ड्राइविंग कारों से जुड़े हर छोटे-मोटे हादसे की रिपोर्ट देने की जरूरत नहीं होगी।
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Self Driving Car - फोटो : Freepik
इस हफ्ते ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किए गए नए नियमों से टेस्ला को बड़ा फायदा हो सकता है। अब ऑटो कंपनियों को अपनी सेल्फ-ड्राइविंग कारों से जुड़े हर छोटे-मोटे हादसे की रिपोर्ट देने की जरूरत नहीं होगी, खासकर उन गाड़ियों के लिए जो लेवल 2 ऑटोनॉमी सिस्टम पर काम करती हैं, जैसे कि टेस्ला की गाड़ियां। 

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पुराने नियमों पर एलन मस्क की नाराजगी
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क पहले भी पुराने नियमों की आलोचना कर चुके थे। उनका कहना था कि इन नियमों की वजह से टेस्ला की सेफ्टी इमेज खराब होती है। अब जब नियमों को ढीला कर दिया गया है, तो टेस्ला एक साफ-सुथरी सुरक्षा छवि पेश कर सकेगी, जिससे उसकी बिक्री और प्रतिष्ठा दोनों को फायदा मिलेगा। हालांकि, जानकारों ने चेताया है कि हादसों की कम रिपोर्टिंग से गाड़ियों में संभावित खराबी पकड़ना और जनता के लिए सही जानकारी हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

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2025 Tesla Model Y - फोटो : X/@Tesla
टेस्ला को सीधा फायदा, प्रतिद्वंद्वियों को नहीं
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो इंडस्ट्री के विश्लेषक सैम अबुएलसामिद ने कहा कि अब टेस्ला को हादसों की रिपोर्टिंग काफी कम करनी पड़ेगी। वहीं डैन आइव्स ने कहा कि यह फैसला टेस्ला के लिए फायदेमंद है लेकिन फुल ऑटोनॉमस सिस्टम वाली कंपनियों जैसे Waymo (वेयमो) के लिए नहीं। नतीजा यह रहा कि नियमों के एलान के बाद टेस्ला के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की उछाल आ गई।

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हालांकि ह्यूंदै, निसान, सुबारू और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियां भी लेवल 2 ड्राइवर-असिस्ट सिस्टम देती हैं, लेकिन इस सेगमेंट में टेस्ला का दबदबा सबसे ज्यादा है। दूसरी तरफ, वेयमो जैसी कंपनियां जो पूरी तरह से ऑटोमेटेड ड्राइविंग सिस्टम (एडीएस) का इस्तेमाल करती हैं, इन नए नियमों से लाभान्वित नहीं होंगी।

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Nissan Driverless Assistance Technology - फोटो : Nissan
प्रशासन की सफाई और नियमों की नई दिशा
नेशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने सफाई दी कि ये बदलाव सभी सेल्फ-ड्राइविंग डेवलपर्स की मदद के लिए हैं, न कि किसी एक कंपनी के पक्ष में। उनका कहना है कि बिना ड्राइवर वाले वाहनों के लिए मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल की जरूरत है, इसलिए उन्हें अभी भी कड़ी रिपोर्टिंग करनी होगी। 

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नई गाइडलाइंस के अनुसार, लेवल 2 सिस्टम वाली गाड़ियों के हादसे अब तभी रिपोर्ट करने होंगे जब किसी की मौत हो, कोई चोट लगे, एयरबैग खुले या कोई अन्य गंभीर परिणाम हो। सिर्फ टो-ट्रक बुलाने वाले हादसे, जिसमें इन में से कुछ भी न हुआ हो, अब रिपोर्ट करने की अनिवार्यता नहीं होगी, जब तक गाड़ी पूरी तरह स्वचालित न हो।

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Tesla - फोटो : Tesla
टेस्ला के लिए पहले भी भारी रही थी रिपोर्टिंग
पिछले साल टेस्ला की गाड़ियां सेल्फ-ड्राइविंग हादसों में सबसे ज्यादा रिपोर्ट की गई थीं। कुल 1,040 में से 800 से ज्यादा हादसे टेस्ला के साथ जुड़े थे। हालांकि, इनमें से कितने हादसों में गाड़ियों को टो करना पड़ा, इसकी जानकारी अधूरी थी। NHTSA ने बताया कि कुल हादसों में सिर्फ 8 प्रतिशत मामले ऐसे थे, जहां गाड़ियों को टो करना पड़ा और कोई अन्य गंभीर स्थिति नहीं थी।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए उठाया गया कदम
यह कदम अमेरिका की ऑटो कंपनियों को चीन के साथ सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की दौड़ में प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने के लिए उठाया गया है। परिवहन सचिव सीन डफी ने कहा, "हम चीन के साथ इनोवेशन की दौड़ में हैं और दांव बहुत बड़े हैं। हमारे नए नियम कागजी कामकाज घटाएंगे और पूरे देश में एक समान स्टैंडर्ड बनाने की दिशा में ले जाएंगे।"

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Waymo Self Driving Car - फोटो : Waymo
टेस्ला की नई योजनाएं और बढ़ती चुनौतियां
यह घोषणा ऐसे समय आई है जब मस्क ने हाल ही में पुष्टि की कि टेस्ला जून से ऑस्टिन, टेक्सास में अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सियों की सेवा शुरू करेगा। वहीं, गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के स्वामित्व वाली वेयमो पहले से ही उस शहर और अन्य जगहों पर साइबरकैब्स चला रही है।

मस्क का दावा है कि टेस्ला की तकनीक जान बचाती है और पारंपरिक गाड़ियों से ज्यादा सुरक्षित है। फिर भी, कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में टेस्ला की बिक्री में गिरावट आई है, जिसमें मस्क के राजनीतिक झुकावों और खासकर चीनी कंपनी BYD से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी असर शामिल है। 

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