भारत में Tesla (टेस्ला) के आने की चर्चा जोर पकड़ रही है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता ने कथित तौर पर देश में एक मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लागने में अपनी दिलचस्पी जाहिर की है। इस तरह की एक ताजा रिपोर्ट में, टेस्ला स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों को असेंबल करने और स्थानीय वेंडर बेस (विक्रेता आधार) भी स्थापित करने के लिए उत्सुक है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-आधारित ईवी निर्माता संभावित भारत लॉन्च से पहले अपनी मैन्युफेक्चरिंग और सप्लाई चेन प्रोसेस को इंटीग्रेट करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
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- फोटो : tesla
टेस्ला इस समय चीन में अपने विक्रेता आधार का इस्तेमाल करती है, जो ईवी निर्माता का अपने घरेलू बेस के बाहर सबसे बड़ा बाजार है। टेस्ला को भारत में निर्माण शुरू करने का फैसला करने पर विक्रेताओं को स्थानांतरित करने की जरूरत होगी। इससे पहले मई में, टेस्ला के अधिकारियों ने मामले पर चर्चा करने के लिए दो दिनों के लिए दिल्ली में भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की थी। ईवी निर्माता ने कथित तौर पर चीन से बाहर डायवर्सिफाई करने की कोशिश में कंपोनेंट्स को सुनिश्चित करने के अलावा अपनी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया।
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Tesla car
- फोटो : Tesla
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कहा था कि ईवी निर्माता की नई फैक्ट्री के लिए जगह को इस साल के आखिर तक अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। उन्होंने संकेत दिया कि यह भारत में हो सकता है क्योंकि उन्होंने देश में कारोबार स्थापित करने में रुचि व्यक्त की। टेस्ला की प्रस्तावित इंडिया गीगाफैक्टरी का मकसद स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करना होगा जिसका इस्तेमाल एशियाई और अन्य बाजारों में निर्यात के लिए भी किया जाएगा।
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Tesla Model 3
- फोटो : Social Media
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कहा था, "वे बहुत गंभीरता से भारत को एक उत्पादन और इनोवेशन बेस के रूप में देख रहे हैं।" हालांकि, रिपोर्टों का दावा है कि टेस्ला ने अपने अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक के दौरान भारत में एक कारखाना लगाना का वादा करने से रोक दिया।
Nitin Gadkari and Tesla Car
- फोटो : Amar Ujala Graphics
इससे पहले ईवी निर्माता ने इंपोर्ट ड्यूटि (आयात शुल्क) को कम करने की मांग की थी। जिस पर विचार करने से सरकार ने इनकार कर दिया था। जिसके बाद टेस्ला और केंद्र के बीच पिछली वार्ता गतिरोध में खत्म हो गई थी। केंद्र ने टेस्ला को सलाह दी थी कि अगर वह भारत में ईवी बेचना चाहता है तो वह एक स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि टेस्ला का भारत में स्वागत होगा यदि वह स्थानीय रूप से ईवी बनाती है और उन्हें चीन से आयात नहीं करती है।