Tesla (टेस्ला) के प्रतिनिधि इस महीने भारत के वाणिज्य मंत्री से मिलकर एक कारखाने के निर्माण की योजना पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। कंपनी के मुताबिक यह एक ऑल-न्यू 24,000 डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) की कार होगी। इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने रॉयटर्स को यह बताया।
टेस्ला ने भारत में एक फैक्ट्री बनाने में दिलचस्पी दिखाई है जो स्थानीय बाजार और निर्यात के लिए कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का उत्पादन करेगी। उस व्यक्ति ने कहा, कंपनी ने संकेत दिया था कि यह एक नए वाहन के लिए होगा।
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Tesla Electric car
- फोटो : Tesla
टेस्ला की रणनीति बदली
भारत सरकार के साथ चर्चा अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता की रणनीति में जबरदस्त बदलाव नजर आ रहा है। पिछले साल, भारत सरकार द्वारा कारों पर कम आयात टैक्स की मांग करने वाले टेस्ला के अनुरोध पर सहमत होने से इनकार करने के बाद बातचीत रुक गई। भारत चाहता था कि टेस्ला स्थानीय स्तर पर वाहनों का निर्माण करे, लेकिन कंपनी ने कहा कि वह पहले अपनी कारों का निर्यात करना चाहती थी ताकि वह अपने कारों की मांग का आकलन कर सके।
जून के बाद से वाणिज्य मंत्री के साथ बैठक टेस्ला और भारत सरकार के बीच उच्चतम स्तर की चर्चा होगी। जब एलन मस्क ने भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कहा कि उनका देश में एक महत्वपूर्ण निवेश करने का इरादा है।
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टेस्ला की सबसे सस्ती कार
20 लाख रुपये (24,000 डॉलर) की ईवी के बारे में कहा जाता है कि, टेस्ला प्रतिनिधियों ने एक संभावित भारतीय प्लांट के बारे में चर्चा में बताया था कि यह इसकी मौजूदा सबसे कम कीमत वाली पेशकश मॉडल 3 सेडान से 25 प्रतिशत सस्ती होगी, जो चीन में $32,200 से ज्यादा कीमत में बिकती है।
टेस्ला की नई कार के लिए 24,000 डॉलर का लक्ष्य मूल्य इस महीने की शुरुआत में मीडिया द्वारा रिपोर्ट किया गया था। जिसपर टिप्पणी के अनुरोध का टेस्ला ने तुरंत जवाब नहीं दिया था।
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इस समय भारत में कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम है, जो अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो बाजार है।
रॉयटर्स ने मई में बताया कि टेस्ला के अधिकारियों ने भारत का दौरा किया और भारत में कारों और बैटरी के लिए मैन्युफेक्चरिंग बेस बनाने पर अधिकारियों के साथ बातचीत की।
नई दिल्ली में भारत सरकार के अधिकारियों के साथ चर्चा इस महीने फिर से शुरू होने वाली है, बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने, जिन्होंने चर्चा निजी रहने के कारण अपना नाम नहीं बताने के लिए कहा, यह जानकारी रॉयटर्स को दी।
पहले व्यक्ति ने कहा कि इसके हिस्से के रूप में, टेस्ला के प्रतिनिधि भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मिलने के लिए तैयार हैं, और चर्चा ईवी सप्लाई चेन बनाने और कारखाने के लिए जमीन आवंटन पर चर्चा के इर्द-गिर्द रहने की उम्मीद है।
वाणिज्य मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
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- फोटो : पीटीआई
टेस्ला ने साल की शुरुआत से ही अपने मौजूदा मॉडलों पर आक्रामक रूप से छूट दी है। जबकि मस्क ने बार-बार कहा है कि कंपनी की लंबे समय में कामयाबी ईवी की लागत में तेजी से कमी लाने पर निर्भर करेगी।
टेस्ला ने कहा है कि उसका अगली पीढ़ी का वाहन प्लेटफॉर्म उत्पादन लागत में 50 प्रतिशत की कमी लाएगा और इससे एक ऑटोमैटिक "रोबोटैक्सी" सहित कई मॉडल बनाए जा सकते हैं। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि भविष्य के मॉडल क्या होंगे या उनकी कीमत क्या होगी।
मेक्सिको में निर्माणाधीन टेस्ला प्लांट कम लागत, उच्च मात्रा वाले प्लेटफॉर्म पर वाहनों का उत्पादन करेगा, जिसके बारे में कंपनी ने कहा है कि वह अन्य कारखानों में भी ले जाएगा।
टेस्ला इस समय कैलिफोर्निया और टेक्सास में ईवी का उत्पादन करती है। उत्तरी अमेरिका के बाहर, इसके जर्मनी के बर्लिन और चीन के शंघाई में प्लांट हैं। शंघाई प्लांट टेस्ला का सबसे बड़ा प्लांट है, जो वाहन निर्माता की वैश्विक क्षमता का लगभग 40 प्रतिशत है। वहां अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना रेगुलेटरी अप्रूवल (नियामक अनुमोदन) के लिए लंबित है।