तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि उनकी सरकार शहर में प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत अगले दो वर्षों में हैदराबाद में 3,000 सरकारी बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलेगी।
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Electric Bus (For Representation only)
- फोटो : Freepik
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि उनकी सरकार शहर में प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत अगले दो वर्षों में हैदराबाद में 3,000 सरकारी बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलेगी।
कांग्रेस सरकार की पहली वर्षगांठ के अवसर पर परिवहन विभाग द्वारा गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में चलने वाली 3,000 सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) बसों में से 90 प्रतिशत डीजल से चलती हैं।
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Electric Rickshaw
- फोटो : Lohia
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर इन डीजल बसों का संचालन जारी रहा तो प्रदूषण को नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा। इसलिए सरकार की योजना डीजल बसों को कहीं और शिफ्ट करने और दो वर्षों के भीतर 3,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की है।
रेड्डी ने परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर को हैदराबाद में ऑटो-रिक्शा मालिकों के लिए इलेक्ट्रिक ऑटो अपनाने के लिए एक विशेष योजना को लागू करने का सुझाव दिया। साथ ही डीजल ऑटो को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रयास करने का भी सुझाव दिया।
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Electric Bus (For Representation only)
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अन्य प्रमुख शहरों में प्रदूषण पर टिप्पणी करते हुए, सीएम ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कथित टिप्पणी का हवाला दिया कि वे दिल्ली में प्रदूषण के कारण आने से बचते हैं, जिससे अक्सर उन्हें संक्रमण हो जाता है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि "क्या दिल्ली अभी भी रहने लायक शहर है।"
रेड्डी ने कहा कि हालांकि प्रदूषण और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के मामले में हैदराबाद की स्थिति चेन्नई, मुंबई, बंगलूरू और कोलकाता जैसे शहरों से बेहतर है। फिर भी शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की 'स्क्रैप नीति' पर रोशनी डाली। जिसका उद्देश्य अपनी लाइफ से ज्यादा पुरानी हो चुकी गाड़ियों को हटा देना है। और उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का एलान किया।