तेलंगाना सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) से 100 प्रतिशत छूट का एलान किया है। ये लाभ राज्य में ईवी खरीदारों के लिए उपलब्ध होंगे जो तेलंगाना में अपने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते और पंजीकृत करते हैं।
तेलंगाना सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) से 100 प्रतिशत छूट का एलान किया है। ये लाभ राज्य में ईवी खरीदारों के लिए उपलब्ध होंगे जो तेलंगाना में अपने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते और पंजीकृत करते हैं। राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि ये लाभ 31 दिसंबर 2026 तक दो साल की शुरुआती अवधि के लिए उपलब्ध होंगे। यह कदम नई ईवी नीति की घोषणा से ठीक पहले उठाया गया है।
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Electric Car
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नई ईवी नीति 18 नवंबर, सोमवार से प्रभावी हो गई है। इस कदम की घोषणा करते हुए, तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा, कि यह हैदराबाद को प्रदूषण मुक्त बनाने की रणनीति का एक हिस्सा है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ेगी। इस कदम के साथ तेलंगाना महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन की पेशकश की है।
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MG Windsor Electric Car
- फोटो : JSW MG Motor India
सरकार ने इलेक्ट्रिर दोपहिया और चार पहिया वाहनों, टैक्सी, निजी कारों, इलेक्ट्रिक थ्री सीटर ऑटो रिक्शा जैसे वाणिज्यिक यात्री वाहनों के लिए रोड टैक्स पंजीकरण शुल्क से 100 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। पीटीआई ने बताया कि सरकारी आदेश के अनुसार, इसमें तीन पहिया माल वाहन, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और इलेक्ट्रिक बसों सहित इलेक्ट्रिक लाइट गुड्स कैरियर भी शामिल हैं।
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राज्य सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक बसों के संबंध में यह छूट सिर्फ तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहनों के पूरे जीवनकाल के लिए लागू होगी। इसके साथ ही, किसी उद्योग के स्वामित्व वाली बसों के लिए भी यह छूट लागू होगी, जो विशेष रूप से अपने कर्मचारियों के परिवहन के लिए हैं, और उनका इस्तेमाल वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाता हो। और इन्हें 31 दिसंबर, 2026 तक दो वर्ष की प्रारंभिक अवधि के लिए तेलंगाना में खरीदा और पंजीकृत किया जाएगा, चाहे पंजीकृत वाहनों की संख्या कुछ भी हो।
तेलंगाना ईवी नीति शुरू में दो साल के लिए लागू होगी और ईवी पंजीकरण शुल्क और सड़क कर (रोड टैक्स) में छूट इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ईवी नीति के तहत, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि हैदराबाद का हश्र नई दिल्ली जैसा न हो। उम्मीद है कि ईवी नीति न सिर्फ कर छूट के जरिए मांग पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। बल्कि ग्राहकों को प्रोत्साहन प्रदान करके भी ध्यान केंद्रित करेगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को भी ईवी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कुछ कदम उठाए जाने की उम्मीद है।