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CNG Cars: गाय के गोबर से चलेंगी सीएनजी कारें! सुजुकी ने भारत सरकार की इस एजेंसी से किया समझौता

Sat, 28 Jan 2023 10:12 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Maruti Suzuki Grand Vitara 2022 - फोटो : For Reference Only
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) की मूल कंपनी Suzuki Motor Corporation (सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन) (SMC) ने कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन से निपटने के उद्देश्य से एलान किया है कि वह बायोगैस का उत्पादन करने के लिए गाय के गोबर का इस्तेमाल करेगी, जिसका उपयोग देश में CNG कारों को चलाने के लिए किया जा सकता है। 

यह एलान वित्त वर्ष 30 के लिए सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन की विकास रणनीति का हिस्सा है। 
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Maruti Celerio CNG - फोटो : Maruti Suzuki
मारुति फिलहाल 14 सीएनजी मॉडल बेचती है, जिनमें ऑल्टो, ऑल्टो के10, एस-प्रेसो, सेलेरियो, ईको, वैगनआर, स्विफ्ट, डिजायर, अर्टिगा, बलेनो, एक्सएल6, ग्रैंड विटारा, टूर एस और सुपर कैरी शामिल हैं। भारत के सीएनजी कार बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी है।

मारुति ने 2010 में तीन मॉडलों - ईको, ऑल्टो और वैगनआर के साथ सीएनजी कारों की बिक्री शुरू की थी। इसने अब तक 1.14 मिलियन (11,40,000) से ज्यादा यूनिट्स बेची हैं, जिससे 1.31 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन की बचत हुई है। 
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Maruti Dzire CNG - फोटो : Maruti Suzuki
एसएमसी ने कहा, "हालांकि हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय बाजार वित्त वर्ष 30 तक बढ़ेगा, उत्पादों से CO2 उत्सर्जन में कमी के बावजूद, हम यह भी उम्मीद करते हैं कि कुल CO2 उत्सर्जन राशि में बढ़ोतरी को रोका नहीं जा सकता है। हम बिक्री यूनिट्स को बढ़ाने और कुल CO2 उत्सर्जन को कम करने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती देंगे।" 

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Bio gas plant - फोटो : For Reference Only
कंपनी ने कहा, "इस चुनौती से निपटने के लिए सुजुकी की अनूठी पहल बायोगैस व्यवसाय है, जिसमें गाय के गोबर से हासिल बायोगैस का उत्पादन और आपूर्ति की जाएगी, गोबर जो कि डेयरी अपशिष्ट हैं, यह मुख्य रूप से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में देखे जा सकते हैं।" कंपनी ने कहा, यह बायोगैस इसके सीएनजी मॉडल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
एसएमसी ने बायोगैस के वेरिफिकेशन (सत्यापन) के लिए भारत सरकार की एजेंसी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और एशिया की सबसे बड़ी डेयरी निर्माता बनास डेयरी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। कंपनी ने Fujisan Asagiri Biomass LLC में भी निवेश किया है, जो जापान में गाय के गोबर से हासिल बायोगैस का इस्तेमाल करके बिजली पैदा करती है। 
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मारुति बलेनो और एक्सएल6 सीएनजी - फोटो : Maruti Suzuki
एसएमसी ने कहा, "हम मानते हैं कि भारत में बायोगैस व्यवसाय न सिर्फ कार्बन न्यूट्रलिटी में योगदान देता है, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है और भारत के समाज में योगदान देता है। हम अफ्रीका, आसियान और भविष्य में जापान सहित अन्य कृषि क्षेत्रों में व्यवसाय का विस्तार करने पर भी विचार कर रहे हैं।"
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