भारत में सड़क हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद निर्णायक होते हैं। यही समय चोटों की गंभीरता, आपातकालीन मदद और दोबारा टक्कर (सेकेंडरी एक्सीडेंट) के जोखिम को तय करता है। भीड़भाड़, मिश्रित ट्रैफिक और सीमित सड़क किनारे की जगह के कारण, छोटा हादसा भी खतरनाक बन सकता है। नीचे दिए गए 6 सेफ्टी स्टेप्स शहर, हाईवे और नए ड्राइवर्स, सबके लिए मददगार हैं।