Jetour T2 hybrid SUV
- फोटो : Jetour
कार खरीदारों को चुनने के लिए कौन-कौन से विकल्प मिलेंगे और कौन सी तकनीक किसके लिए सही होगी?
अब तक कार खरीदने की चर्चा सिर्फ 'पेट्रोल बनाम डीजल' या 'पेट्रोल बनाम ईवी' तक सीमित रहती थी। लेकिन आने वाले समय में ग्राहकों को उनकी ड्राइविंग जरूरतों के हिसाब से कई वास्तविक विकल्प मिलेंगे:
- उपलब्ध पावरट्रेन विकल्प: ग्राहक अब पेट्रोल, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज-एक्सटेंडर ईवी, बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) या सीएनजी में से चुनाव कर सकेंगे।
- मल्टी-पावरट्रेन का सह-अस्तित्व: रातों-रात कोई एक तकनीक हावी नहीं होगी, बल्कि अलग-अलग जरूरतों वाले ग्राहकों के लिए अलग-अलग तकनीकें साथ-साथ चलेंगी।
ड्राइविंग जरूरत के हिसाब से सही विकल्प:
- शहर में दैनिक ड्राइविंग करने वाले: इनके लिए प्लग-इन हाइब्रिड सबसे सही विकल्प हो सकता है।
- हाईवे पर सफर करने वाले: जहां उपलब्ध हो, उनके लिए कुशल पेट्रोल या डीजल विकल्प बेहतर रहेंगे।
- रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले: इनके लिए पूरी तरह से इलेक्ट्रिक गाड़ियां सटीक होंगी।
- बिना चार्जिंग झंझट के ज्यादा माइलेज चाहने वाले: इनके लिए स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड एक बेहतरीन संतुलन साबित होगा।
लगभग दो दशक पहले जब डीजल कारें मुख्यधारा बनी थीं। उसके बाद से यह भारतीय ऑटो उद्योग में सबसे बड़ा बदलाव है। यह नई क्रांति पेट्रोल को पूरी तरह इलेक्ट्रिक से बदलने की नहीं, बल्कि भारतीय खरीदारों को विकल्पों की आजादी देने की है।