फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांसदों को भी खूब भाते हैं भारतीय सेना के ये पुराने वाहन, इन्हें खरीदने के लिए मचती है होड़!

Mon, 28 Sep 2020 03:39 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Army Jeep - फोटो : Team-BHP
सेना के पुराने वाहनों का लोगों में काफी क्रेज होता है। केवल आम आदमी ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों में भी सेना के पुराने वाहन काफी पॉपुलर हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2017-18 में तकरीबन 36 सांसदों ने पुराने सैन्य वाहन खरीदने की इच्छा जताई। इन वाहनों में मारुति जिप्सी, महिंद्रा जीप और रॉयल एनफील्ड बुलेट्स जैसी गाड़ियां शामिल थीं। लेकिन सांसदों के अलावा आप भी सेना के पुराने वाहन खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं इन वाहनों के बारे में...
विज्ञापन

2 of 6
tata Safari Strome - फोटो : Team-BHP

आम नहीं ‘Olive Green’

हम आपको सबसे पहले बताते हैं कि आखिर क्यों ‘Olive Green’ रंग में ऑटोमोबाइल कंपनियां अपने वाहन लॉन्च नहीं करती हैं। असल इसकी वजह है भारतीय सेना। यह रंग भारतीय सेना के लिए आरक्षित है और नागरिक वाहनों पर यह रंग इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। कुछ साल पहले रॉयल एनफील्ड ने Royal Enfield Classic 500 Pegasus लॉन्च की थी, लेकिन सेना की आपत्ति के बाद कंपनी ने इस रंग में बाइक को बनाना बंद कर दिया।
विज्ञापन

3 of 6
Maruti Gypsy Indian Army-1.jpg - फोटो : HAL

मारुति जिप्सी

एक वक्त था जब सेना में मारुति जिप्सी की तूती बोलती थी, लेकिन अब इनकी जगह टाटा सफारी ने ले ली है। हालांकि अभी भी सेना में कई स्तर पर जिप्सी का इस्तेमाल हो रहा है और भारतीय सेना ने जिप्सी की व्यावहारिकता को देखते हुए मारुति सुजकी को और जिप्सी बनाने का ऑर्डर दिया है। आज भी मिलिट्री ऑक्शन में जिप्सी एक लाख रुपये तक की कीमत में मिल जाती हैं। वैसे भी सेना के हर वाहन का अपना एक स्वर्णिम इतिहास होता है, जिसके लिए यह कीमत कुछ भी नहीं है।
 

4 of 6
Army Vehicles - फोटो : Team-BHP

जीप

मारुति जिप्सी से पहले सेना में जीप काफी पॉपुलर थी। जिप्सी के आने के पहले तक कई युद्ध जीप से ही लड़े गए। भारतीय सेना ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सेनाओं में आधुनिक वाहनों के आने से पहले जीप ही इस्तेमाल होती थी। जीप की क्षमता और व्यावहारिकता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 55 साल पहले 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद अब्दुल हमीद ने गन माउंडेट आरसीएल जीप ने पाकिस्तान के सात पैंटन टैंकों के परखच्चे उड़ा दिए थे। ऑनलाइन साट्स पर जीप आज भी आसानी से उपलब्ध है।
 
विज्ञापन

5 of 6
indian army disposal bullet - फोटो : bike4sale

रॉयल एनफील्ड

वहीं अब बात करते हैं सबसे पॉपुलर वाहन रॉयल एनफील्ड बुलेट की। रॉयल एनफील्ड आज भी सेना में इस्तेमाल होती हैं और दशकों से यह सेना का सबसे पसंदीदा दोपहिया वाहन रहा है। इसका ऑफरोड कैपेबिलिटी ही इसका यूएसपी है। तकरीबन पिछले 65 सालों से यह सेना की सेवा कर रही है। आज भी सेना इसकी 2 से 3 हजार यूनिट्स साल दो साल में ऑर्डर करती है। 1985 मॉडल की बुलेट आज भी आपको 40-50 हजार रुपये में मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Polaris ATV - फोटो : reddit

पोलारिस एटीवी

भारतीय सेना में पिछले कुछ सालों में पोलारिस ऑल टैरेन व्हीकल को शामिल किया है। अगर आप वाकई सीरियस ऑफरोडर हैं तो आपको पोलारिस पसंद आएगी। कुछ खबरें भी आई थीं कि सेना ने इनकी ऑक्शन भी की है। लेकिन हमें ऑनलाइन ऐसा कोई टेंडर नहीं मिला। लद्दाख जैसे इलाके में पोलारिस की बेहद अहमियत है। हालांकि एक बात को ध्यान में रखने की जरूरत है कि पोलारिस को आप आम सड़कों पर नहीं चला सकते क्योंकि यह प्रतिबंधित है।
    
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें