हाल ही के दिनों में कैब में सफर करने वाली महिलाओं के साथ कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे कैब में महिलाओं की सेफ्टी को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। अगर आप भी कैब में अक्सर सफर करती हैं तो आपको कैब कंपनी के एप में मिलने वाले कुछ फीचर्स के बारे में जरूर जान लेना चाहिए जो मुश्किल समय में आपके काम आ सकते हैं।
ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स ने कैब की बुकिंग को काफी आसान बना दिया है। ऑफिस जाना हो या विकेंड पर कहीं घूमने निकलना हो, तो लोग ऑनलाइन कैब बुक कर लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत में एप आधारित कैब का बिजनेस काफी तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके साथ ही कैब में यात्रियों के साथ बदसलूकी और छेड़-छाड़ के मामले भी तेजी से बढ़े हैं, खासकर महिला यात्रियों के साथ। और यही वजह है कि अब लोगों का इनपर से भरोसा उठने लगा है। यहां हम कैब से सफर करने वालों के लिए कुछ ऐसे सेफ्टी टिप्स बता रहे हैं जिन्हें जानकर आप अपने सफर को सुरक्षित बना सकते हैं।
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ओला केब्स
- फोटो : ola cabs
बढ़ रहे हैं यात्रियों से बदसलूकी के मामले
हाल ही के दिनों में कैब में यात्रियों से जबरन ज्यादा पैसे वसूलने, हाथापाई करने और महिलाओं के छेड़-छाड़ करने के कई मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कैब में यात्रियों की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, कैब कंपनियों ने एप में कई ऐसे फीचर्स बनाए हैं जिनका इस्तेमाल कर यात्री अपनी राइड को सुरक्षित बना सकते हैं। तो चलिए आज इन जरूरी फीचर्स के बारे में आपको जानकारी देते हैं।
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मैच करे डिटेल्स
- फोटो : ANI
राइड शुरू करने से पहले मैच करे डिटेल्स
एप पर कैब बुक करते समय कार मॉडल और नंबर के साथ-साथ ड्राइवर की तस्वीर और उसका नाम भी दिखने लगता है। जब कैब चालक आपको पिक करने आए तो राइड शुरू करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि एप में दिखाई गई जानकारी ड्राइवर और कार से मैच कर रही है या नहीं। अगर बुक की गई कार से कोई अलग कार पिक करने आए या ड्राइवर के जगह कोई दूसरा व्यक्ति हो तो उसमें बैठने से मना कर दें। कैब कंपनी कभी भी एप में दिखाए गए ड्राइवर से अलग किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं भेज सकती। आप इसकी शिकायत कैब कंपनी के कस्टमर केयर पर कर सकते हैं। खासतौर पर रात के सफर में इन बातों का खास ध्यान रखें।
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इमरजेंसी फीचर का करें इस्तेमाल
- फोटो : Freepik
इमरजेंसी फीचर का करें इस्तेमाल
दिसंबर 2023 से सरकार ने देश में चलने वाले सभी तरह के कैब और पैसेंजर ट्रांसपोर्ट वाहनों में पैनिक बटन और जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम यात्रियों की सुरक्षा के लिए लागू किया गया है। पैनिक बटन का सिस्टम नजदीकी पुलिस कंट्रोल स्टेशन से जुड़ा होता है। इसे जरूरत के समय दबाने से पुलिस को वाहन की लोकेशन के साथ अलर्ट चला जाता है। इससे आप पुलिस की मदद बुला सकते हैं।
लोकेशन करें शेयर
ओला, उबर और रैपिडो के एप में राइड की डिटेल शेयर करने का फीचर मिलता है। आप अपने जानने वालों या परिवार वालों से राइड की लाइव ट्रैकिंग डिटेल शेयर कर सकते हैं। इसमें ड्राइवर डिटेल, व्हीकल इंफो, अराइविंग लोकेशन और आपकी राइड का लाइव ट्रैकिंग लिंक आपके सलेक्टेड कॉन्टैक्ट के साथ शेयर किया जाता है। आप एक से ज्यादा व्यक्तियों को राइड डिटेल शेयर कर सकते हैं। एप में 'इन-ऐप इमरजेंसी' फीचर भी मिलता है जिसमें ऑडियो रिकॉर्डिंग भी किया जा सकता है। यह फीचर आपकी सुरक्षा को और अधिक मजबूत बना देता है, जिससे आप बिना किसी हंगामे के सबूत सुरक्षित रख सकते हैं।