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Petrol-Diesel Taxi Ban: दिल्ली-एनसीआर में नए पेट्रोल-डीजल टैक्सियों पर लगेगा बैन, जानिए कब से लागू होगा नियम

Mon, 09 Jun 2025 09:50 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के मकसद से अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-एनसीआर में कैब एग्रीगेटर्स, डिलीवरी कंपनियों और ई-कॉमर्स फर्मों के बेड़े में कोई भी नया पेट्रोल या डीजल वाहन शामिल नहीं किया जा सकेगा। 
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Delhi Traffic - फोटो : PTI
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के मकसद से अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 जनवरी 2026 से, दिल्ली-एनसीआर में कैब एग्रीगेटर्स, डिलीवरी कंपनियों और ई-कॉमर्स फर्मों के बेड़े में कोई भी नया पेट्रोल या डीजल वाहन शामिल नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने लिया है।

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Delhi Traffic - फोटो : PTI
किन गाड़ियों पर लगेगा यह नियम?
यह बैन सिर्फ कैब तक सीमित नहीं है। इसमें लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (व्यावसायिक वाहनों), गुड्स कैरियर्स और डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाले टू-व्हीलर्स भी शामिल हैं। सीएक्यूएम का कहना है कि इन कमर्शियल गाड़ियों का उपयोग ज्यादा होता है और इनकी मेंटेनेंस भी अक्सर खराब रहती है। जिस कारण ये निजी वाहनों की तुलना में ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं।

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Delhi Traffic - फोटो : PTI
अब सिर्फ सीएनजी या इलेक्ट्रिक गाड़ियों को मिलेगी एंट्री
सीएक्यूएम ने निर्देश दिया है कि 2026 से इन कमर्शियल कंपनियों को अपने बेड़े में सिर्फ सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को ही शामिल करना होगा। इसका मकसद है दिल्ली-एनसीआर को जीरो-एमिशन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर ले जाना।

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Taxi - फोटो : Freepik
दिल्ली सरकार की योजना भी है इसमें शामिल
यह कदम दिल्ली सरकार की 2023 की "मोटर व्हीकल एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम" के तहत उठाया गया है। इस योजना में 25 से ज्यादा गाड़ियों के बेड़े वाली कंपनियों को अपने सभी वाहनों को सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर करना अनिवार्य किया गया है। ताकि निगरानी और अनुपालन की प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा सके।

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Noida Traffic - फोटो : PTI
पड़ोसी राज्यों से भी अपील
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से भी सीएक्यूएम ने अपील की है कि वे भी अपने-अपने शहरी इलाकों जैसे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में इसी तरह के नियम लागू करें। ये इलाके गाड़ियों की संख्या के लिहाज से बेहद घने हैं और प्रदूषण में इनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।

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Delhi Pollution - फोटो : अमर उजाला
प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में अहम कदम
यह पूरी पहल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को घटाने और साफ-सुथरे, बिना धुएं वाले ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने की एक बड़ी कोशिश है। सरकार का मानना है कि अगर कमर्शियल ट्रैफिक को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक और सीएनजी आधारित सिस्टम की ओर मोड़ा जाए, तो आने वाले वर्षों में वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है। 

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