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NHAI: कर्ज घटाने की दिशा में एनएचएआई का बड़ा कदम, 2030 तक कर्जमुक्त बनने की योजना

Sat, 04 Apr 2026 07:49 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत की सरकारी हाईवे बनाने वाली कंपनी, मार्केट से उधार लेने से दूर, और बजटीय मदद और एसेट मोनेटाइजेशन की ओर एक बड़े कदम के तहत, कर्ज कम करने की प्रक्रिया तेज कर रही है।
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Bengaluru-Mysuru National Highway - फोटो : X/@nitin_gadkari

भारत की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को संभालने वाली भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अब अपने कर्ज को तेजी से कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लक्ष्य है कि FY27 में कर्ज को 1.5 लाख करोड़ रुपये से नीचे लाया जाए और 2030 तक पूरी तरह कर्जमुक्त स्थिति हासिल की जाए।

क्या FY27 में कर्ज 1.5 लाख करोड़ से नीचे आएगा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया है कि, NHAI का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष (FY27) में अपना कर्ज घटाकर ₹1.5 ट्रिलियन (लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये) से कम करना है।

यह कदम कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूत करने और ब्याज लागत को कम करने की रणनीति का हिस्सा है।

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Chitradurga-Davangere stretch of National Highway in Karnataka - फोटो : X@nitin_gadkari

कर्ज कम करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जा रही है?
NHAI अपनी आय और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए कर्ज कम करने की योजना पर काम कर रही है।

इसके तहत टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) मॉडल और InvIT (Infrastructure Investment Trust) (इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट) प्लेटफॉर्म के जरिए चालू हाईवे प्रोजेक्ट्स से आय जुटाई जा रही है।

FY27 के लिए सरकार ने 30,000 करोड़ रुपये के एसेट मोनेटाइजेशन का लक्ष्य तय किया है।

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Kargil-Zanskar Intermediate Lane on National Highway 301 in Ladakh - फोटो : X/@Nitin_Gadkari

क्या सरकार की ओर से भी मदद मिल रही है?
केंद्र सरकार ने FY27 के लिए NHAI को 1,87,293 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटन किया है। जो पिछले साल से 10 प्रतिशत अधिक है।

इस अतिरिक्त फंड का उपयोग भी कर्ज चुकाने में किया जा सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में कर्ज कितना घटा है?
FY22 में NHAI का कर्ज 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

लेकिन अक्तूबर 2022 के बाद से कंपनी ने नया कर्ज लेना बंद कर दिया और कर्ज कम करने की प्रक्रिया शुरू की।

अब यह कर्ज घटकर FY26 में करीब ₹2.17 ट्रिलियन तक आ गया है, यानी लगभग 37 प्रतिशत की कमी।

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Chitradurga-Davangere stretch of National Highway in Karnataka - फोटो : X@nitin_gadkari

क्या ब्याज खर्च में भी कमी आई है?
पहले जहां सालाना ब्याज भुगतान 30,000 करोड़ रुपये से अधिक था। अब यह घटकर करीब 20,000 करोड़ रुपये के आसपास आ गया है।

बैंकों के साथ नई शर्तों पर समझौते के कारण ब्याज दरों में कमी आई है। जिससे 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है।

क्या भविष्य में NHAI की भूमिका बदलेगी?
अगर NHAI कर्जमुक्त या कम कर्ज वाली संस्था बनती है, तो इसका फोकस हाईवे के संचालन और रखरखाव पर ज्यादा हो सकता है।

नई सड़क परियोजनाओं में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ सकती है। जबकि NHAI मौजूदा नेटवर्क को बेहतर बनाने पर ध्यान दे सकती है।

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Bengaluru-Mysuru National Highway - फोटो : PTI

क्या यह मॉडल भविष्य के लिए टिकाऊ है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह कर्जमुक्त होना अंतिम लक्ष्य नहीं है।

जरूरत के अनुसार, राजस्व उत्पन्न करने वाली परियोजनाओं के लिए सीमित और रणनीतिक कर्ज लिया जा सकता है।

यह नया मॉडल- कम कर्ज, एसेट मोनेटाइजेशन और संतुलित फंडिंग, भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को अधिक टिकाऊ बना सकता है।

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