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राजमार्गयात्रा एप के जरिए फास्टैग पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया क्या है?
राजमार्गयात्रा एप यूजर्स को फास्टैग पोर्टेबिलिटी की पूरी प्रक्रिया में स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करता है।
एनएचएआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, फास्टैग पोर्टिंग की प्रक्रिया इस तरह है:
- पात्रता की जांच: यूजर्स को राजमार्गयात्रा एप पर लॉगिन करके अपना वाहन पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा।
- ओटीपी वेरिफिकेशन: वर्तमान इश्यूअर बैंक द्वारा यूजर के मोबाइल पर 6-अंकों का 'मोबाइल वेरिफिकेशन कोड' भेजा जाएगा।
- नया बैंक चुनना: वेरिफिकेशन के बाद यूजर को अपने मनपसंद नए जारीकर्ता बैंक को चुनना होगा।
- वॉलेट ऑनबोर्डिंग: नए बैंक के साथ ग्राहक सत्यापन (केवाईसी) और वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करते ही पोर्टेबिलिटी पूरी हो जाएगी।
पोर्टेबिलिटी सफल होने के बाद भी व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी फास्टैग आईडी अपरिवर्तित रहेगी। जिससे यूजर उसी फिजिकल स्टिकर के साथ नए बैंक की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।