सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2021 कैलेंडर वर्ष में कुल 4,12,432 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 1,53,972 लोगों की जान गई, जबकि 3,84,448 लोग घायल हुए।
सीट बेल्ट नहीं लगाने से 16,397 मौतें
रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में कुल 16,397 लोग सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए, जिनमें से 8,438 चालक थे और शेष 7,959 यात्री थे। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2021 के दौरान कुल 46,593 व्यक्ति हेलमेट न पहनने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए, जिनमें से 32,877 ड्राइवर थे और 13,716 यात्री थे।
रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के दौरान हेलमेट नहीं पहनने से 93,763 लोगों को चोटें आईं और सीट बेल्ट नहीं लगाने से 39,231 लोगों को चोटें आईं।
हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने से दुर्घटनाएं नहीं होती हैं, लेकिन ये सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में घातक और गंभीर चोटों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ अपवादों को छोड़कर दोपहिया वाहनों पर सभी मोटर चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य है।
विज्ञापन
2 of 10
सड़क हादसा
- फोटो : For Reference Only
2019 के मुकाबले दुर्घटनाओं में आई कमी
'भारत में सड़क दुर्घटना-2021' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसों की रोकथाम के लिए संकेतकों की वजह से 2019 की तुलना में 2021 में कमी आई है। यह रिपोर्ट कैलेंडर वर्ष के आधार पर इकट्ठा किए गए राज्यों/यूटी के पुलिस विभागों से हासिल आंकड़ों/सूचनाओं पर आधारित है।
सड़क दुर्घटनाओं में 8.1 प्रतिशत की कमी आई और 2019 की तुलना में 2021 में घायलों में 14.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। हालांकि, 2019 में इसी अवधि की तुलना में 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में औसतन 12.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इसी तरह, सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों और घायलों की संख्या में क्रमशः 16.9 प्रतिशत और 10.39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ये आंकड़े देश में औसतन हर दिन 1130 दुर्घटनाएं और 422 मौतें या हर घंटे 47 दुर्घटनाएं और 18 मौतें होती हैं।
विज्ञापन
3 of 10
सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
2020 में दुर्घटनाओं में आई कमी
रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में देश में दुर्घटनाओं, मौतों और चोटों में अभूतपूर्व कमी देखी गई। यह कोविड-19 महामारी के प्रकोप और इसकी वजह से खास तौर पर मार्च-अप्रैल, 2020 के दौरान राष्ट्रव्यापी कड़े लॉकडाउन के कारण हुआ, जिसके बाद धीरे-धीरे अनलॉकिंग और रोकथाम के उपायों से कम किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 के दौरान 18-45 वर्ष के आयु वर्ग के युवा वयस्कों की संख्या 67.6 प्रतिशत थी, जबकि 18-60 साल के कामकाजी आयु वर्ग के लोग कुल सड़क दुर्घटनाओं में 84.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं।
4 of 10
National Highway
- फोटो : For Reference Only
किस पर सड़क पर कितने हादसे
2021 के दौरान, देश में दर्ज की गई 4,12,432 दुर्घटनाओं में से 1,28,825 (31.2 प्रतिशत) एक्सप्रेसवे सहित राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर हुईं, 96,382 (23.4 प्रतिशत) राज्य राजमार्गों (SH) पर हुईं और शेष अन्य सड़कों पर 1,87,225 (45.4 प्रतिशत)।
रिपोर्ट में कहा गया कि 2021 में कुल 1,42,163 घातक दुर्घटनाओं में से 50,953 (35.8 प्रतिशत) राष्ट्रीय राजमार्गों पर, 34,946 (24.6 प्रतिशत) राज्य राजमार्गों पर और 56,264 (39.6 प्रतिशत) अन्य सड़कों पर हुईं।
विज्ञापन
5 of 10
सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
एक दुर्घटना, जिसके परिणामस्वरूप एक या एक से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है, को घातक दुर्घटना कहा जाता है।
घातक सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या 2020 में 1,20,806 से बढ़कर 2021 में 1,42,163 हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 17.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें कहा गया कि 2021 के दौरान घातक दुर्घटनाएं कुल दुर्घटनाओं का 34.5 प्रतिशत हैं।
विज्ञापन
6 of 10
सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
यूपी में सबसे ज्यादा मौतें
राज्यों में, तमिलनाडु ने 2021 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज कीं, जबकि, सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा थी।
ट्रैफिक नियम उल्लंघन
2021 में, यातायात नियम उल्लंघन की श्रेणी के तहत, ओवर स्पीडिंग एक प्रमुख वजह बनी, जिसमें 69.6 प्रतिशत व्यक्तियों की मौत हुई, इसके बाद गलत दिशा में ड्राइविंग (5.2 प्रतिशत) हुई।
आस-पड़ोस की श्रेणियों के प्रकार के संबंध में, 46.9 प्रतिशत दुर्घटनाएं, 54.2 प्रतिशत मृत्यु और 46.9 प्रतिशत चोटें खुले क्षेत्र में हुईं, यानी ऐसी जगहें जहां आमतौर पर आसपास कोई मानवीय गतिविधियां नहीं होती हैं।
विज्ञापन
7 of 10
Accident on Tanda Banda National Highway
- फोटो : अमर उजाला
सड़क श्रेणी
सड़क सुविधा श्रेणी के तहत, 67.5 प्रतिशत दुर्घटनाएं सीधी सड़कों पर हुईं, जबकि घुमावदार सड़कों, गड्ढों वाली सड़कों और खड़ी ढलान वाली सड़कों पर दुर्घटनाएं 2021 में कुल सड़क दुर्घटनाओं का सिर्फ 13.9 प्रतिशत थीं।
8 of 10
bike accident
- फोटो : अमर उजाला
वाहन श्रेणी
सड़क दुर्घटनाओं में शामिल वाहन श्रेणियों में, लगातार दूसरे वर्ष दोपहिया वाहनों का 2021 के दौरान कुल दुर्घटनाओं और मौतों में सबसे अधिक हिस्सा रहा। कार, जीप और टैक्सी वाले हल्के वाहन दूसरे नंबर पर आते हैं।
9 of 10
सांकेतिक चित्र
- फोटो : Social Media
दोपहिया सवारों की मौत सबसे ज्यादा
सड़क-उपयोगकर्ता श्रेणियों के संदर्भ में, 2021 के दौरान कुल मृत्यु दर में दोपहिया सवारों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा (45.1 प्रतिशत) रही है, इसके बाद सड़क दुर्घटनाओं में 18.9 प्रतिशत व्यक्तियों के साथ पैदल सड़क-उपयोगकर्ताओं की मौत हुई है।
वर्ष 2021 के दौरान, 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में कुल दुर्घटनाओं का 16.3 प्रतिशत और देश में कुल दुर्घटनाओं का 9.9 प्रतिशत हिस्सा था।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दुर्घटनाएं
रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क दुर्घटना और दुर्घटना से संबंधित मौतें शहरी की तुलना में ग्रामीण इलाकों में ज्यादा हुईं।
इसलिए, 2021 में, लगभग 69 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में हुईं, जबकि शहरी क्षेत्र में देश में कुल दुर्घटनाओं में मृत्यु का 31 प्रतिशत हिस्सा था।