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अब भारतीय कार बाजार पर चीनी कंपनियों का ‘हमला’, स्मार्टफोन मार्केट पर ऐसे ही किया था कब्जा

Thu, 14 Nov 2019 02:51 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Shanghai Motor Show Great Wall - फोटो : Social Media
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ऐसे वक्त में जब देश का ऑटो सेक्टर मंदी की मार से गुजर रहा है और ऑटो कंपनियां डिस्काउंट के जरिये अपनी बिक्री बढ़ाने में जुटी हुई हैं, ऐसे में ठंडी हवा की बयार चीन की तरफ से आई है। देश में कई चीनी कंपनियां भारत की तरफ बड़े आस से देख रही हैं। चीनी कंपनियों को भारतीय बाजार में काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं।

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भारतीय कंपनियों के लिए चुनौती

निवेश की बाट जोह रहे देश के ऑटो सेक्टर के लिए बड़ी खुशखबरी है। लेकिन भारतीय कंपनियों के लिए कड़ी चुनौती भी हैं, क्योंकि तकरीबन आधा दर्जन चीनी वाहन निर्माता कंपनियां देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिये तैयार हैं। माना जा रहा है कि अगले तीन से पांच सालों में ये चीनी कंपनियां देश की ऑटो सेक्टर में तकरीबन पांच अरब डॉलर का निवेश करेंगी।
 

ये कंपनियां कर रही हैं तैयारी

MG Motors, BYD, Great Wall Motors, Changan और Beiqi Foton जैसे कंपनियां भारत में निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं। यहां तक उनके वेंडर पार्टनर्स भी इसमें हिस्सेदारी करेंगे। इसके अलावा Geely और Chery Scout जैसी बड़ी कंपनियां भी भारतीय बाजार को बड़े अवसर के तौर पर देख रही हैं। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक एमजी मोटर्स का मलिकाना हक रखने वाली SAIC जल्दी ही भारत में इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करने वाली है और जल्द ही दूसरे चरण का निवेश करने की तैयारी कर रही है। वहीं BYD भारत में बसों से लेकर इलेक्ट्रिक वैन बनाएगी, जिसके लिये बड़ा निवेश करेगी। एमजी मोटर्स पहले ही देश में पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। इसके अलावा Great Wall Motors अपनी एसयूवी ला रही है और गुरुग्राम में अपना ऑफिस भी खोला है साथ ही जनरल मोटर्स की तालेगांव स्थित फैक्टरी को खरीदने की बातचीत लगभग अंतिम चरणों में है।
 

इलेक्ट्रिक बसों के साथ बनाएंगी ट्रक भी

इसके अलावा टाटा मोटर्स अपनी लग्जरी कार कंपनी जगुआर-लैंड रोवर (जेएलआर) में हिस्सेदारी को घटाने की तैयारी कर रहा है और चीन की कंपनी Geely से बातचीत भी शुरू कर दी है। साथ ही चीन की हैवी ट्रक बनाने वाली कंपनी नेशनल हैवी ड्यूटी ट्रक ग्रुप कंपनी मैन ट्रक्स ने मुंबई की एकर कंपनी के साथ ट्रक बनाने के लेकर करार किया है। कंपनी चीन में Sinotruk नाम से ट्रक बनानी है। वहीं Beiqi Foton इलेक्ट्रिक बसों के लिए उत्तर भारत की कंपनी पीएमएल के साथ करार किया है। फोटोन ने पुणे के नजदीक चाकन में जमीन का अधिग्रहण भी किया है।
 
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स्मार्टफोन बाजार पर चीनी कंपनियों का कब्जा

चीन की एक और कंपनी Weichai, जो जेनसेट्स के लिए इंजन बनाती है, वह कंपनी अब ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए हॉर्सपावर वाले इंजन बनाने की योजना बना रही है। बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी आटो कंपनियों के पास बाजार के खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता है। उनका अनुमान है कि यह कुछ वैसा ही होगा जैसे स्मार्टफोन बाजार में हुआ था। चीनी कंपनियों ने सैमसंग समेत पहले से जमी कई भारतीय कंपनियों को जबरदस्त चुनौती दी थी। आज हाल हाल यह है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार पर 60 फीसदी चीनी कंपनियों का हिस्सा है। भारतीय पैसेंजर कार बाजार का कुल राजस्व 38 अरब डॉलर का है। जो 2008 से लेकर 2018 तक 8.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा है, जबकि सालाना रिटर्न 11 से 33 फीसदी तक है।
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