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Made-in-India Cars: विदेशों में छा गईं भारत में बनी ये कारें, अपने ही देश में फीकी पड़ गई मांग, जानें डिटेल्स

Sun, 11 May 2025 08:33 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उम्मीदों के उल्ट एक विचित्र बात यह है कि भारत में निर्मित छह कार मॉडलों का निर्यात अब घरेलू स्तर पर उनकी बिक्री की तुलना में अधिक संख्या में किया जा रहा है।
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Auto Sales - फोटो : Adobe Stock
एक दिलचस्प ट्रेंड के तौर पर, अब भारत में बनी छह कारें - Honda City (होंडा सिटी), Honda Elevate (होंडा एलिवेट), Nissan Sunny (निसान सनी), Nissan Magnite (निसान मैग्नाइट), Hyundai Verna (ह्यूंदै वर्ना), और Jeep Meridian (जीप मेरिडियन) - देश में बिकने से ज्यादा विदेशों में निर्यात की जा रही हैं। ये गाड़ियां असल में भारतीय ग्राहकों के लिए डिजाइन की गई थीं, लेकिन देश में उन्हें उतनी तवज्जो नहीं मिली जितनी उम्मीद की गई थी। इसके उलट, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी मांग काफी अच्छी रही, जिससे कंपनियों ने अपना ध्यान एक्सपोर्ट की तरफ मोड़ दिया।

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Nissan Magnite SUV Car Export - फोटो : Nissan
इसलिए उठाया निर्यात का कदम
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) (सियाम) की वित्त-वर्ष 25 रिपोर्ट बताती है कि कमजोर घरेलू मांग और ग्लोबल डिमांड को समझने की निर्माता कंपनियों की तेजी ही इस बदलाव की बड़ी वजह बनी। इससे कंपनियों को अपने प्रोडक्शन लाइन चालू रखने, फैक्ट्री की क्षमता का पूरा उपयोग करने और सप्लायरों से जुड़े वादे निभाने में मदद मिली।

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Honda Elevate SUV - फोटो : Honda
Honda Elevate: घरेलू मार्केट में ठंडी, विदेशों में हिट
होंडा एलिवेट एसयूवी को सितंबर 2023 में लॉन्च किया गया था। उम्मीद थी कि यह भारत में एसयूवी बाजार में धूम मचाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कंपनी ने उत्पादन तो 54 प्रतिशत तक बढ़ा दिया और कुल 67,488 यूनिट्स बनाईं, लेकिन भारत में सिर्फ 22,321 यूनिट्स ही बिक पाईं। वहीं विदेशों में इसकी दोगुनी से ज्यादा यानी 45,167 यूनिट्स निर्यात कर दी गईं। होंडा ने जल्द ही इसका फोकस इंटरनेशनल मार्केट की तरफ कर दिया, जहां यह जापान में WR-V नाम से बिक रही है।

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Hyundai Verna - फोटो : Hyundai
Hyundai Verna: भारत में नहीं जमी, लेकिन विदेशों में अच्छी मांग
ह्यूंदै ने भी 2023 में वर्ना को फिर से लॉन्च कर सेडान सेगमेंट को पुनर्जीवित करने की कोशिश की, लेकिन भारत में ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला। ऐसे में ह्यूंदै ने अपने मजबूत एक्सपोर्ट नेटवर्क का इस्तेमाल किया और वर्ना के 50,000 से ज्यादा यूनिट्स मिडल ईस्ट, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों में बेच डाले। इससे लोकल सेल्स की भरपाई करने में काफी मदद मिली।

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Nissan Sunny - फोटो : Nissan
Nissan की Sunny और Magnite की विदेशों में ज्यादा डिमांड
निसान सनी जिसे भारत में 2020 में बंद कर दिया गया था, अब पूरी तरह एक्सपोर्ट के लिए ही बनाई जा रही है। वित्त-वर्ष 25 में इसके करीब 42,000 यूनिट्स एक्सपोर्ट हुए। पिछले पांच वर्षों में इस बंद हो चुकी कार के 1.8 लाख से ज्यादा यूनिट्स विदेश भेजे जा चुके हैं।

वहीं, निसान की मैग्नाइट एसयूवी जो 2020 में भारत के लिए पेश की गई थी, उसे भी विदेशों में ज्यादा सफलता मिल रही है। वित्त वर्ष 25 में भारत में इसकी बिक्री घटकर 27,881 यूनिट्स रह गई, जबकि एक्सपोर्ट बढ़कर 29,155 यूनिट्स हो गया।

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Jeep Meridian X Special Edition SUV - फोटो : Jeep India
Jeep Meridian भी विदेशी पसंद बनी
जीप मेरिडियन के साथ भी यही ट्रेंड दिखा है। भारत में उतनी मांग नहीं, लेकिन विदेशों में बढ़ती डिमांड ने इसकी पकड़ मजबूत कर दी है।

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2024 Jeep Meridian Facelift SUV - फोटो : Jeep India
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स इसे दो अलग-अलग नजरियों से देखते हैं। एक तरफ, यह ट्रेंड दिखाता है कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी अब वर्ल्ड-क्लास हो चुकी है। दूसरी तरफ, यह भी साफ करता है कि होंडा और निसान जैसी विदेशी कंपनियां अब तक भारतीय ग्राहकों की नब्ज नहीं पकड़ पाईं। जबकि उन्हें देश में काम करते हुए कई दशक हो चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के गौरव वंगाल के मुताबिक, भारत भले ही अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार बन चुका हो, लेकिन यहां के ग्राहकों को समझना और जीतना आसान नहीं है। इसलिए कार कंपनियों को अपने प्रोडक्ट डिजाइन, कीमत और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। 

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Skoda Slavia Sedan Car - फोटो : Skoda
क्या है आगे की राह
आगे देखते हुए, स्कोडा जैसी कंपनियां भी Slavia (स्लाविया) सेडान जैसी कारों को भारत में बनाकर दुनियाभर के राइट-हैंड ड्राइव मार्केट्स में भेजने की तैयारी कर रही हैं। फिलहाल निर्यात कंपनियों को राहत जरूर दे रहे हैं, लेकिन दीर्घकालीन लक्ष्य अब भी यही है, भारतीय ग्राहकों का दिल जीतना। तब तक के लिए, दुनिया इन मेड-इन-इंडिया गाड़ियों के लिए ज्यादा खुला और लाइफलाइन साबित हो रही है।

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