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ISOFIX वाली कारें और चाइल्ड सेफ्टी: बच्चों के साथ सफर बनाना है सुरक्षित? इन तरीकों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Sun, 19 Apr 2026 10:28 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Importance of child safety seats: सड़क हादसों के बढ़ते मामलों के बीच बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने जैसी भी लापरवाही सामने आ रही है। अक्सर हम अपनी सीट बेल्ट तो लगा लेते हैं, लेकिन बच्चों को गोद में बिठाकर या बिना किसी सुरक्षा कवच के सफर कराते हैं। जो की मासूमों की जान पर भारी पड़ सकती है। जानें एयरबैग से लेकर चाइल्ड लॉक तक बच्चों के सुरक्षित सफर की सभी जरूरी टिप्स...
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
Child lock feature in cars: कार में बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड सेफ्टी सीट का इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चों को हमेशा पिछली सीट पर बैठाना चाहिए ताकि वे एयरबैग के झटके और टक्कर से सुरक्षित रहें। इसके अलावा, चाइल्ड लॉक का उपयोग, बच्चों को कभी अकेला न छोड़ना और सुरक्षित ड्राइविंग कुछ ऐसे बुनियादी नियम हैं, जिन्हें अपनाकर हादसों के खतरे को कम किया जा सकता है।

अक्सर माता-पिता को लगता है कि बच्चे को गोद में पकड़ना सुरक्षित है, इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता, लेकिन असलियत में एक्सीडेंट के दौरान पड़ने वाला दबाव इतना तेज हो जाता है कि बच्चा हाथों से फिसल सकता है। इसलिए बच्चों के साथ सफर करते हुए इन बातों को नजरअंदाज न करें...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
पिछली सीट सुरक्षित
हो सके तो बच्चों को आगे की सीट पर बैठाने से बचें। क्योंकि कार की अगली सीट पर लगे एयरबैग्स वयस्कों की सुरक्षा के माने जाते हैं, लेकिन एक्सीडेंट के समय ये बच्चों के लिए घातक साबित हो सकते हैं। 

चाइल्ड सेफ्टी सीट
छोटे बच्चों के लिए एक अच्छी क्वालिटी की चाइल्ड सेफ्टी सीट जरूर खरीदें। यह सीट बच्चे के शरीर को मजबूती से पकड़कर रखती है। अचानक ब्रेक लगने या टक्कर होने की स्थिति में यह बच्चे का झटका नहीं महसूस होने देती है और बच्चे को गंभीर चोट से बचा सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
चाइल्ड लॉक: एक छोटा बटन, बड़ी सुरक्षा
अक्सर बच्चे या तो गाड़ी में सो जाते हैं, या फिर दरवाजा या खिड़की छूते है, ऐसे में हो सकता है कि खेलते-खेलते दरवाजा या खिड़की खोल सकते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा कार में मौजूद चाइल्ड लॉक फीचर का इस्तेमाल करें। साथ ही पावर विंडो को भी लॉक रखें ताकि बच्चा बाहर हाथ या सिर न निकाल सके।

ड्राइविंग का तरीका बदलें
जब कार में बच्चे हों, तो आपकी ड्राइविंग की तरीका बदल लेना चाहिए। इस समय जितना हो सके तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। आपकी सुरक्षित और स्थिर ड्राइविंग ही बच्चों के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
किन कारों में मिलती है Child Safety Seat की सुविधा?
आजकल ज्यादातर मॉडर्न कारों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ISOFIX  (इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन फिक्स) माउंट्स दिए जाते हैं। यह एक खास सिस्टम होता है, जिसमें चाइल्ड सेफ्टी सीट को सीधे कार के फ्रेम से लॉक किया जाता है, जिससे सीट ज्यादा मजबूत और सुरक्षित रहती है।

अगर आप नई कार खरीदने का सोच रहे हैं और आपके साथ बच्चे सफर करते हैं, तो ISOFIX (आइसोफिक्स) की ये कार्स आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। भारत में मारुति सुजुकी बलेनो, ह्ययूंदै क्रेटा, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV700, किआ सेल्टोस, होंडा सिटी और टोयोटा इनोवा क्रिस्टा जैसी कार में आइसोफिक्स मिलता है।  इनमें प्वाइंट्स दिए जाते हैं, जिनमें आप आसानी से चाइल्ड सीट फिट कर सकते हैं।

आइसोफिक्स क्या होता है और क्यों जरूरी है?
आइसोफिक्स एक इंटरनेशनल सेफ्टी स्टैंडर्ड है, जो चाइल्ड सीट को कार में फिक्स करने का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। इसके कई फायदे हैं जैसे सीट हिलती-डुलती नहीं है, इंस्टॉल करना आसान होता है। साथ ही दुर्घटना के समय ज्यादा सुरक्षा मिलती है। यहां पर ध्यान देने वाली बात है कि आइसोफिक्स का मतलब ये नहीं होता कि कार में सीट पहले से फिक्स हो, आपको चाइल्ड सेफ्टी सीट खरीदनी पड़ती है, इन कार में उस फिक्स करने की सुविधा मिलती है।

GNCAP रेटिंग के आधार पर ये कार सेफ्टी में आगे
 
कार रेटिंग  मुख्य सुरक्षा फीचर्स
टाटा सफारी 5-स्टार आइसोफिक्स, 3- प्वाइंट सीटबेल्ट्स, i-Size
फॉक्सवैगन विर्टस 5-स्टार आइसोफिक्स, ईएससी,  मल्टी-कोलिजन ब्रेक
महिंद्रा स्कॉर्पियो-N 5-स्टार आइसोफिक्स, रियर डिस्क ब्रेक्स, छह एयरबैग
टाटा पंच 4-स्टार आइसोफिक्स एंकर, डुअल एयरबैग्स


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