भारत का यात्री वाहन (PV) उद्योग अगले तीन वर्षों में स्थिर वृद्धि करेगा। नोमुरा की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में यह उद्योग 1.5% की वृद्धि करेगा, जबकि FY26 में 5% और FY27 में 6% की वृद्धि की उम्मीद है।
सामान्य सेगमेंट में चुनौतियां बनी रहेंगी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हाल ही में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) ने बताया था कि पीवी सेगमेंट में धीमी बढ़ोतरी का एक प्रमुख कारण वहनीयता है। हालांकि, आम आदमी द्वारा खरीदी जाने वाली कारों की बिक्री में दिक्कतें बनी रह सकती हैं, क्योंकि कारों की बढ़ती कीमतें आम ग्राहकों की क्रय शक्ति को प्रभावित कर सकती हैं।
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Auto Sales
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कारों के महंगे होने का कारण
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रुपये के मूल्य में गिरावट के चलते कारों की लागत बढ़ रही है, जिससे गाड़ियों के दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, सरकार द्वारा किए गए इनकम टैक्स में कटौती से निम्न आय वर्ग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जिससे कम कीमत वाली कारों की मांग कमजोर रह सकती है।
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प्रीमियम कारों और SUV की मांग रहेगी मजबूत
जहां सामान्य सेगमेंट की बिक्री सुस्त रह सकती है, वहीं प्रीमियम कारों और SUV की मांग लगातार बनी रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख कंपनियों का मानना है कि प्रीमियम और SUV सेगमेंट अच्छा प्रदर्शन करता रहेगा, जबकि आम सेगमेंट की बिक्री धीमी रह सकती है।
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कमर्शियल वाहन क्षेत्र का प्रदर्शन
ट्रक और बसों जैसे कमर्शियल वाहनों (CV) का उद्योग FY25 में स्थिर रहने की उम्मीद है। लेकिन FY26 और FY27 में इसमें 5% की वृद्धि हो सकती है। यह क्षेत्र सीधे तौर पर देश की आर्थिक गतिविधियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ा हुआ है।
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Kawasaki Z650
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टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की बिक्री में बेहतर वृद्धि
टू-व्हीलर (2W) उद्योग का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सेगमेंट में FY25 में 10% की वृद्धि होगी, जबकि FY26 में 7% और FY27 में 6.5% की बढ़त देखी जा सकती है।
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Kinetic Green Electric Three-Wheeler
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इसी तरह, ऑटो-रिक्शा जैसे तीन पहिया वाहनों (3W) का बाजार भी अच्छा प्रदर्शन करेगा, जिसकी ग्रोथ FY25 में 10% और अगले दो वर्षों में 5% रहने का अनुमान है।
कुल मिलाकर ऑटो उद्योग की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, PV उद्योग FY26 में सालाना 5% की दर से बढ़ सकता है, लेकिन खुद वाहन निर्माता कंपनियां सिर्फ 1-1.5% की ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि ऑटो उद्योग आने वाले वर्षों में सतर्क रहेगा।
कुल मिलाकर, भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग आने वाले सालों में मध्यम गति से आगे बढ़ेगा। टू-व्हीलर और प्रीमियम कारों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा, जबकि आम सेगमेंट की कारों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।