EV Charging Stations
- फोटो : AI
EV हिस्सेदारी में क्या बड़ा बदलाव देखने को मिला?
फाडा के अनुसार, पहली बार कुल ईवी हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई।
इसके पीछे प्रमुख योगदान रहा—
- इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों का, जहां अब कुल रिटेल बिक्री में 64 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की है।
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का, जिनकी हिस्सेदारी पहली बार 10.6 प्रतिशत के दोहरे अंक तक पहुंच गई।
विग्नेश्वर ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन अब सीमित वर्ग का विकल्प नहीं रहे, बल्कि मुख्यधारा का हिस्सा बन चुके हैं।
FADA ने इस बदलाव को टिकाऊ क्यों बताया?
फाडा अध्यक्ष के अनुसार, इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत इसका व्यापक विस्तार और विभिन्न कंपनियों की भागीदारी है।
उन्होंने कहा-
- पारंपरिक वाहन निर्माता अब इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार का नेतृत्व कर रहे हैं।
- स्थापित वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों और कमर्शियल वाहनों का विस्तार कर रही हैं।
- भारतीय और वैश्विक, दोनों तरह की नई कंपनियां भारत को प्राथमिक बाजार के रूप में चुन रही हैं।