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EV Sales: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, जून में 3.06 लाख से अधिक ईवी बिके

Tue, 07 Jul 2026 07:19 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में देश के भीतर इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
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Electric Vehicles - फोटो : Amar Ujala

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग लगातार बढ़ रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (FADA) (फाडा) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की रिटेल बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान ईवी की बाजार हिस्सेदारी भी पहली बार 12 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई।
 

जून 2026 में EV बिक्री ने कौन-सा नया रिकॉर्ड बनाया?

फाडा के अनुसार, जून 2026 इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए ऐतिहासिक महीना रहा।

मुख्य आंकड़े-

  • जून 2026 में कुल 3,06,220 इलेक्ट्रिक वाहनों की रिटेल बिक्री हुई।
  • यह फाडा के रिकॉर्ड में अब तक की सबसे अधिक मासिक ईवी बिक्री है।
  • जून 2025 की तुलना में बिक्री में 63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • इसी के साथ देश में कुल ईवी हिस्सेदारी पहली बार 12 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई। 
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Electric Vehicles - फोटो : Adobe Stock

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी किस वाहन श्रेणी में हुई?

ईवी बिक्री में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रहा।

आंकड़ों के अनुसार-

  • जून 2026 में 1,93,735 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई।
  • जून 2025 में यह संख्या 1,10,719 यूनिट थी।
  • यानी इस श्रेणी में 74.98 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में कितना उछाल आया?

फाडा के अनुसार, इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की बिक्री में भी तेज बढ़ोतरी हुई।

मुख्य आंकड़े-

  • जून 2026 में 31,823 इलेक्ट्रिक कारों की रिटेल बिक्री हुई।
  • जून 2025 में यह आंकड़ा 15,318 यूनिट था।
  • यानी इस श्रेणी की बिक्री एक वर्ष में दो गुने से अधिक हो गई।

 

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Electric Three-Wheeler - फोटो : Bajaj Auto

इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों का प्रदर्शन कैसा रहा?

इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों ने भी मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।

आंकड़ों के अनुसार-

  • जून 2026 में 77,448 यूनिट की बिक्री हुई।
  • पिछले वर्ष इसी महीने 60,802 यूनिट की बिक्री हुई थी।
  • इस प्रकार बिक्री में 27.38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री कितनी बढ़ी?

इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन श्रेणी में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।

फाडा के मुताबिक-

  • जून 2026 में 3,214 यूनिट की बिक्री हुई।
  • जून 2025 में यह आंकड़ा 1,219 यूनिट था।
  • यानी सालाना आधार पर 163.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

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ev charging - फोटो : Adobe Stock

FADA ने इस उपलब्धि को कैसे देखा?

फाडा के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने कहा कि जून 2026 भारत की मोबिलिटी परिवर्तन यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण महीना रहा।

उन्होंने कहा-

  • जून में 3,06,220 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री फाडा के इतिहास का नया रिकॉर्ड है।
  • यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 63 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने यह भी कहा कि-

  • यह उपलब्धि ऐसे समय आई जब ऑटो बाजार देरी से आए मानसून और सामान्य रूप से धीमे रहने वाले मौसमी दौर का सामना कर रहा था।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि यह वृद्धि केवल किसी एक वाहन श्रेणी तक सीमित नहीं थी।

किन श्रेणियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया?

सी. एस. विग्नेश्वर के अनुसार-

  • इलेक्ट्रिक यात्री वाहन
  • इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन 

दोनों ने जून 2026 में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन दर्ज किया।

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EV Charging Stations - फोटो : AI

EV हिस्सेदारी में क्या बड़ा बदलाव देखने को मिला?

फाडा के अनुसार, पहली बार कुल ईवी हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई।

इसके पीछे प्रमुख योगदान रहा—

  • इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों का, जहां अब कुल रिटेल बिक्री में 64 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की है।
  • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का, जिनकी हिस्सेदारी पहली बार 10.6 प्रतिशत के दोहरे अंक तक पहुंच गई।

विग्नेश्वर ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन अब सीमित वर्ग का विकल्प नहीं रहे, बल्कि मुख्यधारा का हिस्सा बन चुके हैं।

FADA ने इस बदलाव को टिकाऊ क्यों बताया?

फाडा अध्यक्ष के अनुसार, इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत इसका व्यापक विस्तार और विभिन्न कंपनियों की भागीदारी है।

उन्होंने कहा-

  • पारंपरिक वाहन निर्माता अब इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार का नेतृत्व कर रहे हैं।
  • स्थापित वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों और कमर्शियल वाहनों का विस्तार कर रही हैं।
  • भारतीय और वैश्विक, दोनों तरह की नई कंपनियां भारत को प्राथमिक बाजार के रूप में चुन रही हैं।
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Electric car - फोटो : Freepik

भारत के EV बाजार को लेकर FADA ने क्या निष्कर्ष निकाला?

सी. एस. विग्नेश्वर ने कहा कि यह बदलाव भारत की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

उनके अनुसार-

  • स्वच्छ और आत्मनिर्भर मोबिलिटी की दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
  • ग्राहकों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच और वहनीयता का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
  • जहां उत्पाद, चार्जिंग इकोसिस्टम और आर्थिक व्यवहार्यता एक साथ उपलब्ध हो रही है, वहां ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।
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