भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और अब यह देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय ईवी बाजार 54.94 प्रतिशत (लगभग 55 प्रतिशत) की वार्षिक चक्रवृद्वि दर (CAGR) से बढ़ते हुए साल 2034 तक 191.04 अरब डॉलर का विशाल बाजार बन सकता है।
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री वर्ष 2016 में जहां महज 50,000 यूनिट थी, वहीं 2025 तक यह 46 गुना बढ़कर 2.3 मिलियन (23 लाख) यूनिट तक पहुंच गई है।