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EV Sales: भारतीयों को भाने लगीं इलेक्ट्रिक कारें! जून तिमाही में दर्ज हुई रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी

Wed, 01 Jul 2026 06:57 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन में जोरदार उछाल दर्ज किया गया।
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Electric Car - फोटो : Freepik

भारत के ऑटोमोबाइल बाजार से एक उत्साहजनक खबर आई है। देश में बैटरी से चलने वाली गाड़ियों (इलेक्ट्रिक वाहन) (ईवी) का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। वाहन (Vahan) रजिस्ट्रेशन डेटा के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून (Q1 FY27) में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स के पंजीकरण में लगभग 90 फीसदी (89.7 प्रतिशत) का भारी उछाल देखा गया है। 

क्या कहते हैं इस तिमाही के आंकड़े?

इस साल की पहली तिमाही में ग्राहकों ने दिल खोलकर ईवी को अपनाया है। आइए नजर डालते हैं इस सफर पर:

  • सालाना बढ़त: पिछले साल इसी तिमाही (अप्रैल-जून) में जहां 43,710 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। वहीं इस साल यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 82,737 यूनिट्स पर पहुंच गया।

  • महीने-दर-महीने बढ़ता ग्राफ: पहली तिमाही के दौरान ईवी की रफ्तार लगातार तेज होती गई:

    • अप्रैल: 24,963 यूनिट्स

    • मई: 27,320 यूनिट्स

    • जून: 30,454 यूनिट्स

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Tata Tiago EV - फोटो : Tata Motors

ईवी की तरफ अचानक क्यों बढ़े लोग?

उद्योग के दिग्गजों और जानकारों के मुताबिक, इसके पीछे दो मुख्य वजहें रही हैं:

  • ईंधन की आसमान छूती कीमतें: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में काफी तेजी आई।

  • किफायती सफर: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तो होता रहा, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का खर्च पूरी तरह स्थिर रहा। इसी बेहतर अर्थशास्त्र की वजह से ग्राहकों ने ईवी को एक समझदारी भरा विकल्प माना।

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Mahindra BE 6 - फोटो : Mahindra

किस कंपनी ने मारी बाजी और कौन पिछड़ गया?

देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए यह तिमाही काफी उतार-चढ़ाव भरी रही, जहां कुछ ने रिकॉर्ड तोड़ दिए वहीं किसी को निराशा भी हाथ लगी:

  • टाटा मोटर्स (Tata Motors) का जलवा:

    • तिमाही के दौरान टाटा की इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 104 प्रतिशत बढ़कर 32,283 यूनिट्स रहा (पिछले साल यह 15,794 था)।

    • कंपनी ने अकेले जून महीने में कुल 63,083 पैसेंजर गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल के जून (37,237 यूनिट्स) से 69 प्रतिशत ज्यादा हैं।

    • अप्रैल-जून की पूरी तिमाही में टाटा की कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री 46 प्रतिशत बढ़कर 1,82,574 यूनिट्स पहुंच गई।

    • टाटा की केवल ईवी बिक्री की बात करें, तो जून में यह 5,228 से दोगुने से अधिक बढ़कर 14,800 यूनिट्स हो गई। वहीं, पूरी तिमाही (Q1) में टाटा की ईवी बिक्री 112 प्रतिशत की छलांग लगाकर 34,467 यूनिट्स पर पहुंच गई।

  • महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) की रफ्तार:

    • महिंद्रा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रजिस्ट्रेशन को लगभग दोगुना कर लिया। कंपनी का आंकड़ा पिछले साल के 10,144 यूनिट्स से बढ़कर 20,112 यूनिट्स पर पहुंच गया।

  • ह्यूंदै (Hyundai Motor India) को लगा झटका:

    • इस दौड़ में हुंडई थोड़ा पीछे रह गई। कंपनी का इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन पिछले साल के 2,142 यूनिट्स से घटकर इस साल 1,386 यूनिट्स पर आ गया।

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Hyundai Creta Electric - फोटो : Hyundai

कारें खरीदने के लिए जेब कितनी ढीली करनी होगी?

गाड़ियों की बढ़ती मांग के बीच कंपनियों पर इनपुट कॉस्ट (लागत), कमोडिटी की कीमतों और ऑपरेशनल खर्चों का दबाव बढ़ा है। इसी वजह से कई कंपनियों ने अपनी कारों के दाम बढ़ा दिए हैं:

  • टाटा मोटर्स: 1 जुलाई से अपने पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो (जिसमें पेट्रोल-डीजल यानी ICE और इलेक्ट्रिक दोनों गाड़ियां शामिल हैं) की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा, कमर्शियल गाड़ियों की रेंज भी 2.5 प्रतिशत तक महंगी हो गई है (कीमतें मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय होंगी)।

  • ह्यूंदै इंडिया: कंपनी ने अपनी सभी गाड़ियों की रेंज में 12,800 रुपये तक की बढ़ोतरी का एलान किया है।

  • मारुति सुजुकी इंडिया: मारुति ने अपने पूरे मॉडल पोर्टफोलियो की कीमतों में 30,000 रुपये तक का इजाफा किया है।

  • महिंद्रा एंड महिंद्रा: कंपनी ने अपनी एसयूवी और कमर्शियल गाड़ियों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। जिसका औसत सभी मॉडल्स पर करीब 1.6 प्रतिशत बैठता है।

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