Electric Car
- फोटो : FREEPIK
सबसे बड़ी चुनौती अब क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 82 प्रतिशत जरूरी निवेश अब भी नहीं आया है।
अब सबसे बड़ी चुनौती नीतियों की नहीं, बल्कि पूंजी की लागत और फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर की है।
कमर्शियल ईवी खरीदने वालों को 15 प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक की ब्याज दर चुकानी पड़ती है। जिससे ईवी की कुल लागत का फायदा कम हो जाता है। इसका असर-
तेजी से निवेश है जरूरत?
अगर भारत को 2030 तक अपने ईवी लक्ष्यों को हासिल करना है, तो सिर्फ नीतिगत समर्थन काफी नहीं होगा। कम ब्याज दर, बेहतर फाइनेंसिंग मॉडल और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज निवेश अब ईवी सेक्टर की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।