भारतीय ऑटो उद्योग ने नवंबर के महीने में अपने इतिहास में सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की है। 2021 में इसी अवधि की तुलना में नवंबर में भारत की वाहन खुदरा बिक्री में 26 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। Federation of Automobile Dealers Associations (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी ग्रेट इंडियन वेडिंग सीजन (14 नवंबर से 14 दिसंबर तक) के कारण हुई है। खबरों के मुताबिक जिसमें अब तक लगभग 32 लाख शादियां हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने देश में साढ़े 18 लाख दोपहिया वाहन बिके हैं।
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Automobile Sector Cars
- फोटो : PTI
फाडा के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा, "भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के इतिहास में सबसे ज्यादा खुदरा बिक्री दर्ज की है। इसमें, नवंबर 2022 एक अपवाद है। उस समय BS-4 से BS-6 ट्रांजिशन के कारण खुदरा बिक्री ज्यादा थी।" फाडा के मुताबिक त्योहारों के सीजन से बिक्री ने रफ्तार पकड़ी, जो शादी के मौसम में भी जारी रही।
सभी श्रेणियों दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन, ट्रैक्टर और वाणिज्यिक वाहनों में क्रमशः 24 प्रतिशत, 80 प्रतिशत, 21 प्रतिशत, 57 प्रतिशत और 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ बिक्री सकारात्मक दर्ज की गई।
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Automobile Sector Cars
- फोटो : For Reference Only
2019 में कोविड से पहले के महीनों की तुलना में भी, लगातार दूसरे महीने कुल खुदरा बिक्री 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ग्रीन जोन में बंद हुई। कोविड से पहले की समय की तुलना में दोपहिया वाहनों को छोड़कर, जिसमें 0.9 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई, अन्य सभी श्रेणियों जैसे तिपहिया, यात्री वाहन, ट्रैक्टर और वाणिज्यिक वाहनों में क्रमशः 4 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 61 प्रतिशत और 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
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दोपहिया ईवी
- फोटो : सोशल मीडिया
दोपहिया सेगमेंट ने साल-दर-साल (YoY) 24 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की। लेकिन नवंबर 2019 की तुलना में इसमें 0.9 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई। सिंघानिया ने कहा, "यह सेगमेंट धीरे-धीरे नकारात्मक से सकारात्मक की तरफ जा रहा है, जैसा कि शादी के मौसम के कारण खुदरा बिक्री में देखा जा सकता है।"
एक महीने में बिके 18,47,708 टू-व्हीलर
फाडा के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में कुल 23 लाख 80 हजार 465 वाहन बिके। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या 18,47,708 है। यह बताता है कि ग्रामीण इलाकों में मांग में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। एक साल पहले नवंबर 2021 में कुल 18,93,647 गाड़ियां बिकी थीं। इनमें टू-व्हीलर की संख्या 14,94,797 थी।
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E- Smart Electric Passenger three-wheeler and E -Superior Electric Cargo Loader
- फोटो : Erisha E Mobility
2019 की तुलना में थ्री-व्हीलर सेगमेंट में 80 प्रतिशत YoY और 4 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखी गई।
सिंघानिया ने कहा कि जिस श्रेणी में कोविड के दौरान कम मांग देखी गई थी, वह अब सकारात्मक भावनाओं और मन से लॉकडाउन के डर निकल जाने के कारण सबसे ज्यादा बढ़ने वाली श्रेणी के रूप में उभरी है।
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- फोटो : For Reference Only
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट (यात्री वाहन खंड) ने 2019 की तुलना में 21 प्रतिशत YoY और 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। कई मॉडलों की बेहतर उपलब्धता, नए लॉन्च और ग्रामीण इलाकों में मांग में बढ़ोतरी से यह सेगमेंट बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट (वाणिज्यिक वाहन खंड) में 2019 की तुलना में 33 प्रतिशत YoY और 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुनियादी ढांचा क्षेत्र और नई खनन परियोजनाओं पर सरकार के निरंतर ध्यान के साथ, यात्रियों की अंतर-राज्यीय बेहतर आवाजाही के साथ-साथ रिप्लेसमेंट डिमांड में बढ़ोतरी जारी रही, जिससे बस की बिक्री हुई। .
एसोसिएशन को उम्मीद है कि चल रहे शादी के सीजन से जहां ग्राहकों को शोरूम तक लाने में मदद मिल रही है, वहीं फसल का मौसम भी उद्योग के लिए सकारात्मक रहने वाला है क्योंकि किसानों के हाथ में ज्यादा पैसा आने लगा है।