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खरीदने जा रहे हैं BS6 इंजन वाली SUV या कार, तो ज्यादा जेब ढीली करने के लिए हो जाएं तैयार

Sat, 21 Dec 2019 04:38 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Car Pooja after Delivery - फोटो : Youtube (सांकेतिक)
नए बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने में मात्र तीन महीने शेष हैं। वहीं भारतीय ग्राहक अभी भी पेशोपेश है कि उसे नई गाड़ी लेनी चाहिये या नहीं। कुछ कंपनियां नए उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियां लॉन्च भी कर चुकी हैं। फिर भी ग्राहक कन्फ्यूज हैं। शुरुआती विश्लेषण बताते हैं कि डीजल वाहनों, दोपहिया वाहनो और मझोले कमर्शियल वाहनों की कीमतें बढ़ने का जबरदस्त असर ग्राहकों पर पड़ेगा।
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BS6 Engine cars - फोटो : AmarUjala

आठ से 10 फीसदी की बढ़ोतरी तय

हालांकि पेट्रोल से चलने वाले वाहनों जैसे कॉम्पैक्ट कारों और एसयूवी पर तीन से पांच फीसदी तक ही बढ़ोतरी होगी, जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों की कीमतों में सीधे-सीधे 8 से 10 फीसदी तक की बढोतरी होना तय है। क्योंकि कंपनियां इन्हें भी जल्द से जल्द बीएस6 में अपग्रेड करेंगी। अनुमान जताया जा रहा है कि कैब ऑपरेटर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ये बढ़ोतरी ग्राहकों पर डालेंगी। कुल मिलाकर बीएस6 को खरीदना और रखरखाव बेहद महंगा साबित होने वाला है।            
 
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China Car Plant - फोटो : Nikkei

बाजार पर पड़ेगा असर  

उदाहरण के लिए 10 लाख रुपये वाली डीजल एसयूवी की कीमत बीएस6 आने के बाद कम से कम 80 हजार रुपये बढ़ जाएंगी। वहीं ग्राहक भी इस बढ़ोतरी को पसंद नहीं करेंगे। एसयूवी बनाने वाली कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे ज्यादा डीजल से चलने वाली एसयूवी बनाती है और पिछले कुछ महीनों से घटती बिक्री का सामना कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बाजार के लिए अच्छी खबर नहीं है और कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल वेरियंट्स पर फोकस करना होगा।
 

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डीजल गाड़ियों की खरीद पर है रोक - फोटो : Getty

कई डीजल मॉडल्स सड़क से होंगे बाहर

महिंद्रा ने हाल ही में अपनी सब-क़म्पैक्ट एसयूवी XUV300 के पेट्रोल वेरियंट को बीएस6 इंजन में अपग्रेड किया है, वहीं जल्द ही बाकी के वाहनों को भी अपडेट किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले साल एक दर्जन से ज्यादा कई डीजल गाड़ियां बाजार से गायब हो जाएंगी। मारुति सुजुकी अपनी कई गाडियों के डीजल वेरियंट बंद करने वाली है और उसका फोकस पेट्रोल गाड़ियों पर ही रहेगा। जिसकी भरपाई ग्राहकों को करनी होगी, क्योंकि डीजल गाड़ियों के मुकाबले मॉडर्न पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियां कम माइलेज देती हैं।
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diesel car engine maintenance - फोटो : Social

रखरखाव होगा महंगा

विशेषज्ञों के मुताबिक गौर करने वाली बात यह है कि बीएस6 पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों को बीएस4 ईंधन पर चलाया जा सकता है। लेकिन बीएस6 डीजल गाड़ियों के साथ ऐसा होना संभव नहीं है। बीएस6 डीजल गाड़ियों के लिए ईँधन अहम कारक है क्योंकि उनके इंजेक्टर्स और फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम ईंधन की गुणवत्ता पर निर्भर करते हैं। फ्यूल इंजेक्शन टेक्नोल़ॉजी के चलते उनका रखरखाव भी महंगा हो जाएगा। 
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car pollution

पांच फीसदी कम प्रदूषण

बीएस6 इंजन वाली गाड़ियों में मैकेनिकल के साथ टेक्निकल बदलाव भी किए गए हैं। बीएस6 में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम, जबकि बीएस4 में यह मात्रा 50 पीपीएम निर्धारित है, जिससे यह गाड़ियां कम प्रदूषण फैलाती हैं। इसका मतलब यह हुआ है कि बीएस4 गाड़ियों के मुकाबले बीएस6 गाड़ियां पांच गुना कम प्रदूषण फैलाती हैं।
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