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Electric Cars: IEA प्रमुख ने कहा- भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की कुंजी हैं इलेक्ट्रिक कारें, ईवी सब्सिडी जरूरी

Tue, 03 Jun 2025 09:30 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बाइरोल ने कहा है कि भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने और तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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Electric Car - फोटो : Freepik
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बाइरोल ने कहा है कि भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने और तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह बात वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई एक बैठक के बाद कही।

सोमवार को हुई बैठक में बाइरोल ने कहा कि अभी भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कम हैं, लेकिन भारत अभी भी कुछ गिने-चुने तेल उत्पादक देशों पर निर्भर है। अगर देश को अपनी ऊर्जा नीति में नियंत्रण रखना है, तो मोबिलिटी का इलेक्ट्रिफिकेशन यानी गाड़ियों को बैटरी से चलाने की दिशा में तेजी से काम करना होगा। 

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Tata Harrier EV - फोटो : Nitish Kumar/Amar Ujala
दुनियाभर में ईवी की मांग तेजी से बढ़ रही है
बाइरोल ने बताया कि दुनियाभर में ईवी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। सिर्फ चार साल पहले, कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 25 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा, "हर चार में से एक कार जो आज बिक रही है, वह इलेक्ट्रिक है।" इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इलेक्ट्रिक कारें अब धीरे-धीरे सस्ती होती जा रही हैं।

आज के समय में कई देशों में इलेक्ट्रिक और पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत लगभग बराबर है, लेकिन चलाने की लागत में ईवी ज्यादा फायदे में हैं। बाइरोल के अनुसार, "ज्यादातर देशों में एक किलोमीटर चलाने का खर्चा इलेक्ट्रिसिटी से तेल के मुकाबले काफी कम पड़ता है, जब तक कि तेल की कीमत 50 डॉलर प्रति बैरल से नीचे न चली जाए।"

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2025 Kia EV6 - फोटो : Kia India
भविष्य में सड़कों पर ईवी का ही दबदबा होगा
IEA प्रमुख का मानना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियां ग्लोबल ट्रांसपोर्ट का प्रमुख हिस्सा बन जाएंगी। उन्होंने कहा, "दुनिया यह जल्दी या देर से जरूर देखेगी कि सड़कों पर इलेक्ट्रिक कारों का ही दबदबा होगा।"

भारत की सोलर ऊर्जा और एलईडी प्रोग्राम की तारीफ
बाइरोल ने भारत को ग्लोबल क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन का एक प्रमुख खिलाड़ी बताया और खासतौर पर भारत की सोलर एनर्जी में उपलब्धियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि "भारत ने सोलर फ्रंट पर जबरदस्त सफलता हासिल की है, जो न केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है, बल्कि इसकी ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बेहद अहम है।"

इसके अलावा उन्होंने एलईडी बल्ब कार्यक्रम की भी तारीफ की और इसे ऊर्जा क्षेत्र में सबसे सफल अभियानों में से एक बताया। इस कार्यक्रम के पीछे पीयूष गोयल की अहम भूमिका का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे भारत की बिजली प्रणाली सस्ती और पर्यावरण के लिए अनुकूल बनी है। 

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MG Windsor Pro - फोटो : JSW MG Motor India
उज्ज्वला योजना और गांवों में बिजली की पहुंच को सराहा
IEA प्रमुख ने उज्ज्वला योजना की भी सराहना की, जिसने करोड़ों घरों में साफ-सुथरे कुकिंग फ्यूल यानी एलपीजी गैस पहुंचाई। उन्होंने भारत सरकार की इस कोशिश को गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए भी सराहा।

ऊर्जा ट्रांजिशन के लिए जरूरी खनिजों पर चिंता
बाइरोल ने ऊर्जा ट्रांजिशन में इस्तेमाल होने वाले क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे कि लिथियम, कोबाल्ट आदि) की सप्लाई चेन को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि खनन और रिफाइनिंग की प्रक्रिया कुछ गिने-चुने देशों तक सीमित हो रही है। जो आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।

IEA का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे अच्छा तरीका है विविधता। यानी जरूरी खनिजों के खनन, प्रोसेसिंग और सप्लाई में ज्यादा से ज्यादा देशों की भागीदारी होनी चाहिए।

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Mahindra XUV 400 - फोटो : Mahindra
भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए ईवी पर सब्सिडी जरूरी
बाइरोल ने भारत जैसे तेल आयातक देशों को सलाह दी कि वे ईवी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दें। उन्होंने कहा, "ऐसे देश जो भारी मात्रा में तेल आयात करते हैं, उन्हें ईवी अपनाने पर सब्सिडी देनी चाहिए ताकि उनका आयात खर्च घटे।"

उनका मानना है कि इलेक्ट्रिक कार क्रांति से पीछे न रह जाएं, इसके लिए सरकारों को लोगों को पहली ईवी खरीदने में मदद करनी चाहिए। 

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