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Road Accidents: सड़क दुर्घटनाएं कैसे होंगी कम? विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिए ये सुझाव

Tue, 27 Jun 2023 10:13 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Car Accident - फोटो : अमर उजाला
World Health Organisation (WHO), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ऐसे तरीके सुझाए हैं जिनका इस्तेमाल दुनिया भर की सरकारें सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को कम करने के लिए कर सकती हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, 'कारों के लिए बनाई गई खतरनाक सड़कें' सड़क दुर्घटनाओं और हताहतों के पीछे सबसे बड़े कारणों में से एक है। वैश्विक संस्था चीजों को सुरक्षित बनाने के लिए साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों के लिए ज्यादा जगह चाहती है। दुनिया भर में हर साल लगभग 13 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं। सड़क दुर्घटना में हताहतों की संख्या के मामले में भारत टॉप देशों में से एक है, जहां हर साल लगभग दो लाख मौतें होती हैं।
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Car Accident - फोटो : Agency
डब्ल्यूएचओ में सुरक्षा और गतिशीलता प्रमुख नहान ट्रान ने सोमवार को कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर दोबारा विचार करने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमें तत्काल कारों के लिए बनी नीरस, गंदी और खतरनाक सड़कों के पुराने मॉडल से हटकर लोगों के लिए डिजाइन और निर्मित सुरक्षित, हरे और जीवंत स्थानों की ओर बढ़ना चाहिए। मोबिलिटी पब्लिक हेल्थ (सार्वजनिक स्वास्थ्य) और विकास के कई अन्य पहलुओं को रेखांकित करती है। पैदल चलना और साइकिल चलाना सुरक्षित बनाकर, हम वायु प्रदूषण को कम कर सकते हैं और जलवायु परिवर्तन से लड़ सकते हैं।"
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Car Accident - फोटो : अमर उजाला
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली 10 मौतों में से नौ का योगदान मध्यम आय वाले देशों का होता है। स्वीडन में सड़क सुरक्षा पर विजन जीरो सम्मेलन में बोलते हुए, ट्रान ने कहा, "पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों जैसे कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देकर, हम गरीबी को कम कर सकते हैं और नौकरियों, स्कूलों के साथ-साथ लैंगिक समानता तक पहुंच सहित असमानताओं से निपट सकते हैं।"

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Car Accident - फोटो : अमर उजाला
भारत में हर साल लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं। ज्यादातर मौतें ओवरस्पीडिंग के मामलों में होती हैं। नशे में गाड़ी चलाना और गलत दिशा में गाड़ी चलाना भी भारत में दुर्घटनाओं और मौतों के सबसे बड़े कारणों में से एक है। 2021 में सड़क दुर्घटना के मुताबिक, पिछले वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की सबसे बड़ी संख्या 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयु के युवा थे।
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Car Accident - फोटो : संवाद
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार कहा था कि उनके मंत्रालय की सबसे बड़ी नाकामी भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने में असमर्थता है। पिछले महीने उन्होंने कहा था कि 2024 से पहले सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य विभिन्न कारणों से पूरा नहीं हो पाएगा।
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For Reference Only - फोटो : Social Media
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पिछले साल हर घंटे लगभग 46 गंभीर सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। आंकड़ें कहते हैं कि भारत में हर घंटे लगभग 47 दुर्घटनाएं और 18 मौतें होती हैं।
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