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Scooter Tyre: अपने स्कूटर के लिए टायर खरीदने की बना रहे हैं योजना? तो जान लें ये जरूरी टिप्स

Sat, 14 Dec 2024 11:59 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप अपने स्कूटर के लिए नए टायर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उन्हें कैसे चुनें, इसके बारे में यहां एक डिटेल गाइड दी गई है।
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Scooter Tips - फोटो : Freepik
OEM (ओरिजिनल इक्यूप्मेंट मैन्युफेक्चर्र) के स्टॉक टायर हर मॉडल और उसकी जरूरतों के हिसाब से कैलिब्रेट किए जाते हैं। हालांकि, इसका हमेशा यह मतलब नहीं होता कि वे आपके स्कूटर और आपके रोजमर्रा की आवाजाही की खास जरूरतों के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं। जबकि आपको निर्माता द्वारा निर्धारित अनुशंसित स्पेसिफिकेशंस का पालन करना चाहिए, आप हमेशा अलग-अलग कंपाउंड, ट्रेड डिजाइन, टायर तकनीक और बहुत सारे विकल्प चुन सकते हैं। अगर आप अपने स्कूटर के लिए नए टायर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उन्हें कैसे चुनें, इसके बारे में यहां एक डिटेल गाइड दी गई है।
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Scooter Tips - फोटो : Vespa
अपने स्कूटर के लिए सही टायर साइज चुनें
सही साइज चुनने से यह सुनिश्चित होगा कि आपको अपने स्कूटर के परफॉर्मेंस और माइलेज का सबसे ज्यादा फायदा मिले। हालांकि, आपके वाहन की पुस्तिका में स्पेसिफिकेशंस के बारे में बताया गया है। लेकिन आप स्टॉक टायर की साइडवॉल पर नजर डालेंगे तो आपको अक्षरों की एक सीरीज नजर आएगी। अगर आपके स्कूटर के टायर पर 90/100-10 53J लिखा है, तो इसका मतलब यह है:

90 = टायर की चौड़ाई मिमी में

100 = टायर की चौड़ाई के प्रतिशत के रूप में दर्शाई गई साइडवॉल की ऊंचाई

10 = इंच में पहिए का डायामीटर (व्यास)

53 = लोड इंडेक्स, या टायर की अधिकतम भार वहन क्षमता। इस मामले में 53 का मतलब होगा कि टायर सुरक्षित रूप से अधिकतम 206 किलोग्राम का भार सहन कर सकता है

J = टायर की स्पीड रेटिंग। J स्पीड रेटिंग वाले टायर सुरक्षित रूप से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकते हैं।
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Scooter Tips - फोटो : Ather Energy
टायर का टाइप: ट्यूबलेस या ट्यूब-टाइप
टायर आम तौर पर दो तरह में विभाजित होते हैं: ट्यूबलेस और ट्यूब-टाइप। आजकल ज्यादातर निर्माता ट्यूबलेस टायर का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि ट्यूब-टाइप टायर की तुलना में उनके कई फायदे हैं। वे ज्यादा एडवांस्ड और सुरक्षित हैं, और पंचर होने की स्थिति में हवा के नुकसान की दर बहुत कम होती है। इससे सवार को पंचर होने के बाद सुरक्षित होने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।

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Scooter Tips - फोटो : Freepik
ट्रेड पैटर्न और कंपाउंड
बाजार में तीन मुख्य ट्रेड पैटर्न उपलब्ध हैं - सिमेट्रिकल (सममित), एसिमेट्रिकल (असममित) और डायरेक्शनल (दिशात्मक)। हमेशा दोनों टायरों के लिए एक ही ट्रेड पैटर्न चुनें और अपनी पसंद के अनुसार चुनें। सिमेट्रिकल टायरों की उम्र लंबी होती है, वे समान रूप से घिसते हैं और सामान्य सड़क स्थितियों के लिए अच्छे होते हैं। एसिमेट्रिकल और डायरेक्शनल टायर दोनों गीली स्थितियों के लिए अच्छे हैं। लेकिन एसिमेट्रिकल में आउटबोर्ड और इनबोर्ड साइड के लिए अलग-अलग पैटर्न होते हैं। इसका मतलब है कि टायर के विशिष्ट हिस्से के लिए ट्रेड पैटर्न को ऑप्टिमाइज (अनुकूलित) किया जाता है, जिससे बेहतर हैंडलिंग और कॉर्नरिंग होती है।
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Scooter Tips - फोटो : Freepik
रेडियल टायर या बायस-प्लाई?
रेडियल टायर या बायस-प्लाई, टायर निर्माण के टाइप है। बायस-प्लाई में कई रबर प्लाई एक दूसरे पर क्रिस-क्रॉस पैटर्न में ओवरलैप करते हैं। जबकि रेडियल टायर में प्लाई ट्रेड पैटर्न से 90 डिग्री के कोण पर चलते हैं।

बायस-प्लाई टायरों की साइडवॉल मोटी होती है, जिससे सवारी की गुणवत्ता और लोड इंडेक्स बेहतर होता है। यह पंक्चर के प्रति अधिक प्रतिरोधी होता है और कम गति पर बेहतर ट्रैक्शन प्रदान करता है। रेडियल टायरों में रोलिंग प्रतिरोध कम होता है, जिससे बेहतर माइलेज मिलता है। वे कम गर्मी सोंखते हैं, जिससे उनकी लाइफ लंबी होती है।
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